जानिए क्या हैं शकुन-अपशकुन और उसके प्रभाव
हिंदू धर्म शास्त्रों में कई ऐसे संकेत बताये गए हैं जिसके द्वारा आप इस बात का अंदाजा लगा सकते हैं कि आपको मनोवांछित कार्य में सफलता मिलेगी या नहीं। इन संकेतों को शकुन-अपशकुन कहा जाता है। शास्त्रों के अनुसार आप जब भी किसी खास कार्य के लिए जा रहे होते हैं ठीक उसी समय कई प्रकार की घटनाएं घटती हैं। इन पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
छोटी-छोटी शुभ-अशुभ घटनाएं ही शकुन या अपशकुन होती हैं। हालांकि काफी लोग इन बातों को कोरा अंधविश्वास ही मानते हैं लेकिन कई लोग इन बातों पर विश्वास भी करते हैं। कुछ लक्षणों को देखते ही व्यक्ति के मन में आशंका उत्पन्न हो जाती है कि उसका कार्य पूर्ण नहीं होगा।
शकुन का मतलब होता है लक्षण या संदेश। जबकि अपशकुन का अर्थ है बुरा या अशुभ लक्षण। किसी कार्य में रुकावट या अधूरेपन को दिखाने वाले ऐसे ही कुछ लक्षणों या संकेतों को हम अपशकुन मान लेते हैं। जबकि कुछ चीजों देखकर अनायस ही मन में भावना आ जाती है कि यह काम तो हर हालत में अब हो कर रहेगा जिसे की हम शकुन कहते हैं।
आईये स्लाइडों के जरिेये जानते हैं कुछ खास अपशकुन और उसके निवारण के बारे में...

झाड़ू
नए घर में पुराना झाड़ू ले जाना अशुभ होता है। अंधेरा होने के बाद घर में झाड़ू लगाना अशुभ होता है।

दूध
दूध का बिखर जाना अशुभ होता है। बच्चों का दूध पीते ही घर से बाहर जाना अपशकुन माना जाता है।

कुत्ता
किसी कार्य या यात्रा पर जाते समय कुत्ता बैठा हुआ हो और वह आप को देख कर चौंके, तो विघ्न होता है। किसी कार्य पर जाते समय घर से बाहर कुत्ता शरीर खुजलाता हुआ दिखाई दे तो कार्य में असफलता मिलेगी ऐसा माना जाता है।

बिल्ली
बिल्ली दूध पी जाए तो अपशकुन होता है। यदि काली बिल्ली रास्ता काट जाए तो अपशकुन होता है।

रोना, लड़ना व छींकना भी
रोना, लड़ना व छींकना भी अपशगुन होता है।

बत्तख
बत्तख जमीन पर बाईं तरफ बोलती हो तो अशुभफल मिलता है।

चिड़िया
यात्रा के समय चिड़ियों का झुंड भयभीत होकर उड़ता दिखाई दे तो समझा जाता है कि कुछ अनिष्ट होने वाला है।

उल्लू
उल्लू बाईं तरफ बोलता हुआ स्त्री को दिखायी दे तो समझिये किसी की अकाल मृत्यु होने वाली है।

निवारण: गायत्री मंत्र
अगर कुछ भी अशुभ चीज दिखायी दे तो गायत्री मंत्र पढिये।

निवारण: गणेश स्तुति
कोई भी काम शुरू करने से पहले गणेश स्तुति कीजिये।












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