कुंडली भी कहती है कि मोदी ही बनेंगे देश के पीएम

आज चारों ओर दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल का एक बयान चर्चा का विषय बना हुआ है जिसमें केजरीवाल ने कहा है कि वाकई में इस समय मोदी की लहर पूरे देश में हैं।

लोगों उन्हें पसंद करते हैं और इसी कारण मोदी पीएम की कुर्सी तक पहुंच सकते हैं लेकिन आपको बता दें कि केजरीवाल का स्टेटमेंट कितना सही है या गलत यह तो कहना थोड़ा मु्श्किल है लेकिन मोदी की कुंडली के ग्रह भी इशारा करते हैं कि यह समय मोदी की जीवन का गोल्डेन प्वाइंट है जो कि उन्हें पीएम की कुर्सी तक आसानी से पहुंचा सकता है।

यही समय है भारतीय जनता पार्टी उनकी छवि का लाभ उठा सकती है।

नरेंद्र मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को मेहसाना में वृश्चिक लग्न, कर्क नवांश एवं वृश्चिक राशि में हुआ। इनके जन्म के समय चन्द्रमा और मंगल दोनों ही कुंडली के पहले घर में वृश्चिक राशि में बैठे थे। बताते हैं कि वृश्चिक लग्न में मंगल लग्नेश होकर बैठता है और चंद्रमा जब भाग्येश होता है और लग्न में जब ये संयोग करते हैं, तब राजयोग बनता है। मोदी की कुंडली के ग्यारहवें घर में सूर्य बुध, केतु एवं नेप्चयून के साथ बैठा है। गुरु चौथे घर में शुक्र और शनि के आमने-सामने बैठे हैं।

कुंडली भी कहती है कि राहुल नहीं बन पायेंगे पीएम

मंगल इनका लग्न स्वामी है और अपने ही घर में बैठा है जिससे मोदी आत्मबल और साहस से अपने विरोधियों को मात देते हुए आगे बढ़ते जाएंगे। मंगल की इसी स्थिति के कारण मोदी अपने विरोधियों को कभी माफ नहीं कर पाते। मौका मिलने पर विरोधियों से बदला जरूर लेते हैं।

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 कुंडली में कई शुभ योग

कुंडली में कई शुभ योग

ग्रहों की इस स्थिति के कारण मोदी की कुंडली में कई शुभ योग बने हुए हैं। जैसे गजकेसरी योग, मूसल योग, केदार योग, रूचक योग, वोशि योग, भेरी योग, चंद्र मंगल योग, नीच भंग योग, अमर योग, कालह योग, शंख योग तथा वरिष्ठ योग। इन शुभ ग्रहों के प्रभाव के चलते ही नरेंद्र मोदी को भाजपा में सबसे वरिष्ठ पद पर पहुंचने का मौका मिला।

फलदायी योग

फलदायी योग

पंचम स्थान और भाग्य स्थान कुंडली में बहुत महत्व रखते हैं। स्वामी चंद्रमा केंद्र में है और जिस वक्त चुनाव होगा, उन दिनों नरेन्द्र मोदी के भाग्य स्थान में बृहस्पति होगा, जो निश्चित ही फलदायी होगा। इनकी कुंडली में गजकेसरी योग है, जो इनकी बाधाओं को दूर करने के साथ ही इन्हें शीर्ष तक पहुंचने में मददगार सिद्ध होगा।

संन्यासी होना

संन्यासी होना

पंचम भाव में राहु की स्थिति व पंचम का वक्री होना संतान सुख में बाधा का कारण बनता है। ग्रहों की माया से ही आप शादीशुदा नहीं है। इसी कारण राज्य का भला करने में पीछे भी नहीं है।

जब किसी को घर-परिवार का मोह ना हो तो वो या तो संन्यासी होता है या भी फिर समाजसेवी यही कारण आपकी राजनीति में सेवा का रहा।

जनता के बीच लोकप्रियता

जनता के बीच लोकप्रियता

शनि शत्रु राशि में होकर चतुर्थ (जनता भाव) पर पूर्ण दृष्टि रखने से जनता के बीच लोकप्रियता बना रहा है। इसी कारण से भारत की अधिकांश जनता भावी प्रधानमंत्री के रूप में देख रही है। दशमेश बुध एकादशेश के साथ है।

दशमेश सूर्य, केतु से भी युक्त है। एकादश में राज्य के मालिक सूर्य के होने से आप अभी गुजरात के मुख्यमंत्री हैं। आय भाव का स्वामी आय में होने से आप आय के क्षेत्र में काफी उन्नति करते हैं सो आपने गुजरात को सामर्थ्यवान बना डाला।

गोचरों की स्थिति तो मोदी के हित में

गोचरों की स्थिति तो मोदी के हित में

ग्रहों की चाल और गोचरों की स्थिति तो मोदी के हित में है, अब देखना ये है कि सितारे उन्हें कहां तक सफल बनाते हैं। ज्योतिषियों की मानें तो मोदी की कुंडली
में राजयोग है, जो उनकी बाधाओं को दूर करेगा।

ग्रहों की स्थिति देखें तो ऐसा संकेत मिलता है कि अगले साल दिल्ली के लाल किला पर मोदी तिरंगा लहराएंगे। हालांकि कुछ ग्रहों के कारण थोड़ी बाधाएं आ सकती हैं।

छवि का लाभ

छवि का लाभ

अभी वर्तमान में सूर्य का महादशा में लग्नेश मंगल का अन्तर चल रहा है जो दशमेश होकर लाभ भाव में व मंगल स्वराशि का होकर लग्न में है और यही समय है भारतीय जनता पार्टी उनकी छवि का लाभ उठा सकती है। आगामी प्रधानमंत्री घोषित कर उनकी कार्य प्रणाली का लाभ भारत के नागरिकों को दिला सकती है।

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