वाराणसी में नरेंद्र मोदी, अरविंद केजरीवाल और अजय राय का 'काल चक्र'

Astro analysis on Narendra Modi, Ajay Rai, Arvind Kejriwal in Varanasi
[पं. अनुज के शुक्ल] सांस्कृतिक राजधानी वाराणसी इस समय पूरे विश्व परिदृश्य में छाई हुयी है। आम से खास तक सबकी निगाहे वाराणसी पर टिकी हुयी है, क्योंकि अबकी बार काशी देश का नेतृत्व करने वाले नेता का चुनाव करेगी। संस्कृति और परम्पराओं की विरासत को अपने में समटे हुयी काशी अपने-आप में अद्भुत शहर है। यहां पर सब काशी के हैं और सभी की काशी है।

वाराणसी संसदीय सीट पर वैसे तो 77 प्रत्याशाी अपना भाग्य आजमा जा रहें किन्तु पांच प्रत्याशियों की चर्चा हो रही है और उनमें भी मुख्यतः तीन लोग ही फाइट में नजर आ रहें है। कांग्रेस ने पिंडरा विधायक अजय राय को यहां से प्रत्याशी बनाया है, जो सामान्य वर्ग व भूमिहार जाति से आते हैं। मुख्तार अंसारी के कौमी एकता दल ने उन्हे समर्थन की घोषणा की है। आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल भला पीछे कैसे रहते वो भी दिल्ली की जनता को लाली-पाप पकड़ा के वाराणसी की जनता को अपना बनाने के लिए डेरा डाले हुये हैं। भाजपा के पीएम उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी के वाराणसी संसदीय क्षेत्र से चुनाव मैदान में उतर जाने से मुकाबला काफी रोचक व दिलस्प हो गया है। अब देखना यह है कि जोर कितना बाजुये कातिल में है।

आइये ज्योतिषीय विवेचन के आधार पर जानते है कि क्या कहते है आप सभी के सितारे?

कांग्रेस के अजय राय

राय की नाम राशि मेष है, जो चर व अग्नि तत्व प्रधान वाली राशि है। इसलिए आपका तेजतरार्र होना, क्रोधी होना एंव एक पार्टी में स्थिर न रह पाना लाजिमी है। वाराणसी में 12 मई को मतदान होना है, उस दिन क्षितिज पर सुबह 7:30 मि0 से चित्रा नक्षत्र भ्रमण करना शुरू कर देगा। अजय राय का जन्म नक्षत्र कृतिका है। अब तारा चक्र के अनुसार कृतिका से गिनने पर 12वें नक्षत्र पर चित्रा पड़ रहा है। चित्रा विपत्त नक्षत्रों की श्रेणी में आता है, जो अशुभ संकेत है। 16 मई को चुनाव परिणाम घोषित होगा। उस समय ज्येष्ठा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। तारा चक्र के अनुसार अजय राय के जन्म नक्षत्र कृतिका से गिनने पर ज्येष्ठा नक्षत्र 16वें नम्बर पर आयेगा। ज्येष्ठा वध नक्षत्रों की श्रेणी में है। ये दोनों अशुभ संकेत इस ओर इशारा कर रहे कि अजय राय का वाराणसी से हारना तय है।

अरविंद केजरीवाल

एके 49 यानि आप के संयोजक अरविन्द केजरी वाल। केजरी वाल का जन्म 16 अगस्त सन् 1968 को रात्रि 11:46 मि0 पर हरियााणा में हुआ था। आप के बार में ज्यादा बताने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि लगभग सभी जानते है। कथनी-करनी के विपरीत चलना इनकी फितरत है। अपने मेन प्वांइट पर आता हूं। वर्तमान में आपकी कुण्डली में बृहस्पति की दशा में शुक्र का अन्तर एंव शनि का प्रत्यन्तर चल रहा है। गुरू अष्टमेश व लाभेश होकर चैथे भाव में सूर्य, बुध व शुक्र के साथ ग्रह युद्ध कर रहा है। शुक्र षष्ठेश व लग्नेश होकर चैथे भाव में गुरू, सूर्य व बुध के साथ गृह युद्ध कर रहा है।

इसलिए केजरीवाल वाक युद्ध, राजनीति युद्ध, धरना युद्ध व आत्म युद्ध आदि लड़ते रहते है। वह ये निर्धारित ही नहीं कर पाते है कि वास्तव में युद्ध किससे लड़ा जाये या किससे न लड़ा जाये। शनि भाग्येश व दशमेश है और नीच का होकर 12वें भाव में बैठा है। शनि की प्रत्यन्तर दशा चल रही है और शनि नीच का है, इसी वजह से केजरीवाल पर नीच लोग आक्रमण करके अपना गुस्सा निकालते है।

केजरीवाल का भी कृतिका नक्षत्र है। 12 मई के दिन चित्रा नक्षत्र गोचर कर रहा होगा। तारा चक्र के अनुसार कृतिका से गिनने पर चित्रा 12वें नक्षत्र पर आयेगा, जो विपत्त की श्रेणी में आता है। 16 मई को ज्येष्ठा नक्षत्र का क्षितिज पर प्रभुत्व रहेगा। कृतिका नक्षत्र से गिनने पर ज्येष्ठा 16वें स्थान पर आयेगा। ज्येष्ठा नक्षत्र केजरीवाल को वध के समान फल देगा यानि राजनैतिक पराजय। अजय राय और केजरीवाल दोनोें के नक्षत्र कृतिका है, इसलिए दोनों की पराजय होना तय है। वाराणसी में केजरीवाल एंव अजय राय की चुनावी लड़ाई इस बात पर है कि नम्बर दो पर कौन आयेगा। तो मैं आपको बता दूॅ कि दूसरे पायदान पर अरविन्द केजरीवाल ही रहेंगे।

नरेंद्र मोदी की कुंडली

मोदी का जन्म 17 सितम्बर सन् 1950 को सुबह 11 बजे गुजरात में हुआ था। मोदी के जन्म के समय पृथ्वी पर वृश्चिक लग्न उदित हो रही थी, जो एक स्थिर राशि है। जिस कारण मोदी के वादों, विचारों व संकल्पों में दृढ़ता एंव स्थिरता परिलक्षित होती है।

इस समय मोदी की जन्म तालिका में चन्द्र की दशा में राहु का अन्तर व शुक्र का प्रत्यन्तर 15 अप्रैल से प्रारम्भ हो गया है। चन्द्रमा वृश्चिक का होकर प्रबल नीचभंग राजयोग का निर्माण कर रहा है। चन्द्रमा का भाग्येश होना और साथ में नीचभंग राजयोग बनना। इससे एक बात तय है कि मोदी को जितना लोग नीच कहेंगे उतना ही मोदी का नीचभंग राजयोग प्रबल होता जायेगा। राहु राजनीति का कारक है और जनता के संकेतक भाव पंचम में बैठ कर शनि के नक्षत्र उत्तराभाद्रपद पर कब्जा जमाये हुये है।

राहु अपना फल शनि के जैसा ही देता है। शनि तीसरे व चैथे भाव का स्वामी होकर दशवें स्थान पर अपना प्रभुत्व जमाये हुये है। तीसरा भाव पराक्रम, साहस व कठोर श्रम का कारक होता है और चैथा भाव संसद का संकेतक होता है। दशवां भाव उच्चपद का संकेतक होता है, जिस पर शनि व शुक्र का कब्जा है। मोदी वाराणसी व वडोदरा दोनों सीटों पर विजय पताका लहरायेंगे। लेकिन वाराणसी की जनता को गले लगायेंगे तथा वडोदरा की जनता को अपने किसी भरोसेमन्द सिपहसालार को सौंप देंगे।

16 मई के दिन पृथ्वी पर ज्येष्ठा नक्षत्र गोचर करेगा। मोदी का जन्म नक्षत्र अनुराधा है। अनुराधा से गिनने पर ज्येष्ठा नक्षत्र दूसरे स्थान पर पड़ रहा है। जो सम्पत नक्षत्रों की श्रेणी में आ रहा है। सम्पत का मतलब पूर्ण सफलता प्राप्त करना। अतः मैं दावे के साथ कहता हूं कि मोदी अपने साहस व कठोर श्रम के दम पर वाराणासी से ऐतिहाासिक विजय पाकर 16वीं लोकसभा के प्रधानमन्त्री बनेंगे जिससे भारत का विश्व स्तर पर डंका बजेगा।

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