बजट सत्र, यूपीए सरकार और मनमोहन सिंह की कुंडली
नई दिल्ली (वनइंडिया ब्यूरो)। बजट सत्र के पहले ही दिन देश में आतंकी हमला। गृहमंत्री ने माना कि यह खुफिया और पुलिस की चूक के कारण हुआ। पहले ही महंगाई से लेकर तमाम मुद्दों पर घिरी सरकार पर एक और संकट आ गया है। ऐसे में यूपीए सरकार का अंतिम एक वर्ष भी चलना कठिन हो सकता है। यूपीए सरकार की कमान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के हाथ में है, लिहाजा उनके ग्रह नक्षत्र यहां काफी मायने रखते हैं।
एक नजर डालते हैं मनमोहन सिंह की कुंडली पर और देखते हैं अभी किस प्रकार की और परेशानियां उनकी सरकार को झेलनी पड़ सकती हैं। या फिर क्या परेशानियां खत्म होने वाली हैं? प्रधानमंत्री की कुंडली तैयार की है कानपुर के ज्योतिष पं. सुशील कुमार त्रिपाठी ने, जो प्रसिद्ध कैलेंडर ठाकुर प्रसाद के लिये लिखते हैं।
पीएम की कुंडली- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की संसदीय दल के नेता एवं प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का जन्म 26 सितंबर 1932, सोमवार को सुबह 10 बजे रावलपिंडी में हुआ था। इनका जन्म लग्न तुला तथा जन्म राशि कर्क है। तुला लग्न का योगकारक ग्रह शनि चतुर्थ भाव में अपनी राश में है तथा दूसरा प्रबल योगकारक ग्रह चंद्रमा अपनी ही राशि में दशमस्थ है। यह योगकारक ग्रह चंद्र लग्नेश शुक्र के साथ है तथा शनि से दृष्ट है ये दोनों तुला लग्न योगकारक ग्रह चतुर्थेश व दशमेश का परस्पर दृष्टि संबंध है। जो पूर्ण राजयोग की स्थिति बनाते हैं।
इनका जन्म आश्लेषा नक्षत्र के प्रथम चरण में हुआ था। इसलिये बुध की महादशा का 16 वर्ष 8 माह 12 दिन भोग काल थी। वर्तमान समय में 1 जून 1999 से राहु में शुक्र का अंतर प्रारभ है। वर्तमान समय में 20 जून 2013 तक राहु में शुक्र का अंतर में शनि का प्रत्यांतर चलेगा। इसके बाद 23 नवंबर 2013 तक बुध का प्रत्यंतर तत्पश्चात 16 तनवरी 2014 तक राहु में शुक्र के अंतर में केतु का प्रत्यंतर चलेगा। योगिनी मातानुसार 11 फरवरी 2013 तक भद्रिका में धन्य का अंतर चलेगा तत्पश्चात 1 सितंबर 2013 तक भद्रिका में भ्रमरी का अंतर 1 सितंबर 2013 से उल्कायोगिनी की दशा चलेगी।
26 दिसंबर 2010 से राहु में शक्र का अंतर चल रहा है। शुक्र लग्नेश और अष्टमेश होकर केंद्र में दशम भाव में स्थित है। यह मान सम्मान राजा के अंदर राज्य सुख के लाभ का प्रतिक है। व उसे बल देता है। राहु में शुक्र के अंतर में पूर्ण राज्याधिकार की प्राप्ति होगी अनेक महत्वपूर्ण निर्णय तमाम विरोधों के बावजूद लिये जायेंगे परंतु दशेश राहु से शुक्र का षडाष्टक योग है ये षडाष्टक योग शुक्र की अंतरदशा में कष्टकारक होगा, शत्रु प्रबल होंगे अनेकोनेक लोकसभा भंग करने का भी निर्णय ले सकती है यह सभावित नवंबर या दिसंबर 2013 में हो सकता है।
कुल मिलाकर देखा जाये तो फिलहाल मनमोहन सरकार को कुछ नहीं होने वाला। हैदराबाद ब्लास्ट, हेलीकॉप्टर डील और महंगाई पर विपक्ष घेरने के पूरे प्रयास करेगा, लेकिन सरकार आसानी से बाहर निकल आयेगी। आगे पढ़ें- क्या कहती है राहुल गांधी की कुंडली।












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