यश व कीर्ति लाता है सातमुखी रुद्राक्ष

Importance of Saat Mukhi Rudraksha in astrology
सातमुखी रुद्राक्ष को सप्त माता एवं सप्त ऋषियों का प्रतीक माना जाता है। इस रुद्राक्ष में सप्त ऋषियों का प्रतीक माना जाता है। इस रुद्राक्ष में सप्तमाताओं की शक्तियाँ निहित होती है। सातमुखी रुद्राक्ष को धारण करके अनेक प्रकार के लाभ प्राप्त करके सुखमय एवं समृद्धिशाली जीवन गुजारा जा सकता है।

1- सातमुखी रुद्राक्ष पहनने से प्रत्येक क्षेत्र में विजय प्राप्त होती है तथा यश व कीर्ति में वृद्धि होती है।

2- सातमुखी रुद्राक्ष धारण करने से आर्थिक स्थिति में मजबूती आती है, एवं मन शान्त रहता है।

3- व्यवसायी वर्ग के लिए सप्तमुखी रुद्राक्ष धारण करना अत्यन्त लाभकारी सिद्ध होता है।

4- सातमुखी रुद्राक्ष पहनने से गणेश व लक्ष्मी जी की विशेष कृपा बनी रहती है, जिसके कारण घर व परिवार में सुख व समृद्धि बनी रहती है।

5- नौकरी वाले जातक यदि सातमुखी रुद्राक्ष धारण करते है, तो उनके कैरियर में प्रगति होती है तथा उनका बॉस काफी प्रभावित रहता है।

6- स्नायु तन्त्र से सम्बन्धित रोगों में सातमुखी रुद्राक्ष धारण करने से लाभ मिलता है।

7- सातमुखी रुद्राक्ष को पहनने से शनि ग्रह से सम्बन्धित दोषों जैसे साढ़ेसाती, ढैय्या आदि का शमन होता है।

धारण विधिः- किसी भी मास की शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी से पूर्णिमा तक तीनो दिन गंगाजल में केसर दूध मिलाकर निम्न मन्त्र से- ''ऊँ ऐं हीं श्री क्लीं हूं सौः जगत्प्रसूतये नमः'' से सातमुखी रुद्राक्ष पर जल छिड़के। इसके बाद गंध अक्षत, दूर्वा, पुष्प, बेल-पत्र, धतूरा चढ़ाकर विधिवत् पूजन करें। तत्पश्चात् निम्न मन्त्र से ''ऊँ ऐं हीं श्रीं क्लीं हूं सौः जगत्प्रसूयते'' से 108 बार हवन करना चाहिए। और 7 बार हवन-अग्नि की परिक्रमा करके सातमुखी रुद्राक्ष को गले या भुजा में धारण करें।

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