कैसे पढ़ें पुरुषों के मस्तक की रेखाएं

1- किसी मनुष्य के ललाट में स्वच्छ, सरल, गम्भीर, पूर्ण तथा स्पष्ट रेखा होने से, वह व्यक्ति सुखी एंव दीर्घायु होता है। छिन्न-भिन्न रेखा से दुःखी और अल्पायु माना जाता है। ललाट में उद्धव रेखा, त्रिशूल व स्वास्तिक आदि के बने होने से, धन पुत्र एंव स्त्री युक्त होकर मनुष्य सुखमय जीवन व्यतीत करता हैं।
2- जिसके मस्तक पर रेखा नहीं होती है, वह पुरूष धनी व दीर्घजीवी होता है। जिनके ललाट गहरे हों, वह पुरुष अपराध करने में चूकता नहीं, वो हत्या तक कर सकता है। करने वाले एंव बन्दी गृह के भोगी होते हैं। मस्तक में एक रेखा का पूर्णमान लगभग 20 वर्ष माना जाता है। इसी अनुपात से अनुभव द्वारा मनुष्य की आयु का भी निर्णय किया जाता है।
2- जिस व्यक्ति का मस्तक उपर से उठा हुआ हो तथ नीचे से झुका हो, वह मनुष्य अधिक स्त्रियों से विवाह करने वाला होता है। ऐसे पुरूष अधिक शिक्षा प्राप्त करके उच्च मुकाम हासिल कर लेते है। इनका स्वास्थ्य बहुत अच्छा नहीं होता है।
3- जिस पुरूष का मस्तक चैड़ा हो, वह व्यक्ति अधिक पुत्रों वाला होता है, परन्तु काम-धन्धे को लेकर परेशान रहता है। इनकी सन्तान भाग्यशाली एंव कर्मठ मानी जाती है।
4- जिस पुरूष का मस्तक छोटा हो, वह मनुष्य अधिक पुत्रियों वाला होता है। ऐसे व्यक्ति कठोर परिश्रम करके ही अपने जीवन का निर्वाहन कर पाते है।
5- पुरूष के मस्तक पर जितनी रेखाये बनी हो, उसके उतने ही भाई-बहन होने की सम्भावना होती है। मोटी रेखायें भाई की एंव पतली रेखायें बहन की मानी जाती है।
6- जिस व्यक्ति का मस्तक नीचे से उपर की ओर उठा हुआ हो, वह मनुष्य धैर्यशील, धनवान व बुद्धिमान होता है। ये प्रेम के मामलें में काफी अग्रणी होते है। इनका वैवाहिक जीवन सरल एंव सुखमय व्यतीत होता है।
7- जिस व्यक्ति के मस्तक पर छोटा सा चाॅद बना हुआ हो, उस मनुष्य पर ईश्वर की विशेष कृपा होती है। ऐसे पुरूष उच्च स्तर के सन्यासी, उपदेशक एंव योगी होते है।












Click it and Unblock the Notifications