Pope Warns of AI Risks: 'AI भटका सकता है बच्चों का दिमाग', पोप लियो XIV की चेतावनी
Pope Warns of AI Risks: पोप लियो XIV ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल पर गहरी चिंता जताते हुए चेतावनी दी है कि यह बच्चों और युवाओं के मानसिक और बौद्धिक विकास को नुकसान पहुंचा सकता है। शुक्रवार को रोम में आयोजित दूसरी AI कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि AI से मिलने वाली सूचनाओं की बाढ़ बच्चों की वास्तविकता को समझने की क्षमता को कमजोर कर सकती है।
8 मई 2025 को कैथोलिक चर्च के प्रमुख बने पोप लियो XIV, जो गणित में स्नातक हैं, ने कहा, 'हमें बच्चों और युवाओं के भविष्य की चिंता है। AI का अंधाधुंध उपयोग उनके न्यूरोलॉजिकल और बौद्धिक विकास पर बुरा असर डाल सकता है।' उन्होंने उद्योगपतियों, नीति-निर्माताओं और शोधकर्ताओं से अपील की कि AI का उपयोग सावधानी और नैतिकता के साथ किया जाए।

पोप ने जोर देकर कहा, 'सूचनाओं की अधिकता को बुद्धिमत्ता समझना गलत है। यह बच्चों की वास्तविकता से जुड़ने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है।' हालांकि, उन्होंने मेडिकल और वैज्ञानिक क्षेत्रों में AI के योगदान की सराहना की, लेकिन इसके दुरुपयोग से होने वाले खतरों पर भी ध्यान दिलाया।
पोप लियो और डीपफेक का शिकार
दिलचस्प बात यह है कि पोप लियो हाल ही में AI-जनरेटेड डीपफेक वीडियो और ऑडियो का शिकार हुए हैं। सोशल मीडिया पर उनके फर्जी बयानों वाले कई पेज वायरल हुए, जो उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे। रॉयटर्स इंस्टीट्यूट की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, युवा अब समाचारों के लिए AI चैटबॉट्स पर निर्भर हो रहे हैं, जिससे गलत सूचनाओं का खतरा बढ़ गया है।
AI के नैतिक उपयोग की वकालत
पोप लियो ने AI के नैतिक उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि यह मानवता की भलाई के लिए होना चाहिए। कैथोलिक चर्च पहले भी इस मुद्दे पर सक्रिय रहा है। 2020 में तत्कालीन पोप फ्रांसिस के नेतृत्व में 'रोम कॉल फॉर AI एथिक्स' शुरू किया गया था, जिसमें माइक्रोसॉफ्ट, IBM, संयुक्त राष्ट्र और कई विश्वविद्यालयों ने पारदर्शिता और निजता के सिद्धांतों को अपनाने की प्रतिबद्धता जताई थी।
वेटिकन की वैश्विक बहस में भूमिका
पोप लियो का यह बयान संकेत देता है कि वेटिकन AI के प्रभावों पर वैश्विक बहस में अहम भूमिका निभाने को तैयार है। खासकर जब बात नई पीढ़ी के मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक जुड़ाव की हो। उन्होंने कहा, 'हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि AI मानवता की सेवा करे, न कि उसे नुकसान पहुंचाए।'
क्यों अहम है यह चेतावनी?
पोप लियो XIV का यह संदेश ऐसे समय में आया है, जब AI का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, और सोशल मीडिया जैसे क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है। उनकी चेतावनी न केवल बच्चों के भविष्य की रक्षा के लिए है, बल्कि यह भी बताती है कि तकनीक का उपयोग जिम्मेदारी के साथ होना चाहिए। यह खबर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है, जहां लोग पोप के संदेश को सराह रहे हैं।












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