पूजा करते वक्त क्यों ढ़कते हैं हम सिर, क्या है इसके पीछे कारण?
मान्यता है जिसको आप आदर देते हैं उनके आगे हमेशा सिर ढ़क कर जाते हैं इसलिए पूजा करते वक्त सिर ढका जाता है।
नई दिल्ली। वैसे तो हर धर्म को मानने वालों के अलग-अलग विचार होते हैं लेकिन एक चीज जो हर जगह कॉमन है वो है सिर ढ़ककर पूजा करना।
चाहे वो मंदिर हो या फिर मसजिद या फिर गुरूद्वारा..हर जगह आपको लोग ऐसे मिलेंगे जो सिर ढ़ककर पूजा करते हैं। गुरूद्वारे में तो मत्था टेकने से पहले सिर ढंकने के लिए चुन्नी या रूमाल भी दिया जाता है।
आखिर क्या है इसके पीछे का कारण, क्या आप जानते हैं, अगर नहीं तो चलिए हम आपको बताते हैं....

आप आदर देते हैं...
मान्यता है जिसको आप आदर देते हैं उनके आगे हमेशा सिर ढ़क कर जाते हैं इसी कारण कई महिलाएं जब भी अपने सास-ससुर या बड़ों से मिलती हैं तो सिर ढ़क लेती हैं।

दिमाग भटकता नहीं...
ऐसा माना जाता है कि सिर ढ़कने से मन एकाग्र रहता है। दिमाग भटकता नहीं और इंसान का ध्यान केवल एक बिंदु पर ही रहता है।

सहस्त्रारार चक्र
सिर के मध्य में सहस्त्रारार चक्र होता है जिस पर पूजा करते वक्त निगेटिव चीजों का असर नहीं होना चाहिए इस कारण सिर ढ़ककर पूजा करनी चाहिए।

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