Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

कविता: ये बलखाती लहराती जुल्फें ,नित घायल मुझे...

Woman
इस यौवन को तेरे देख देखकर, नजर ये थम सी जाती है ।
स्वर्ग परी सी ये सुन्दरता , मुझको निकट तेरे ले आती है ॥

ये बलखाती लहराती जुल्फें ,नित घायल मुझे बनाती हैं ।
ये रूह की तेरी मोहक खुशबू,तेरा कायल मुझे बनाती है ॥

इन अधरों के मधुर मिलन में, यह दुनिया सारी समाई है ।
इन झुकी हुई पलकों के अन्दर,देखो कितनी गहराई है ॥

इन् नयनों की एक अदा ने , इस पत्थर् को प्रीत सिखा डाली।
जाम ने तेरे इस यौवन के , ये मुझे कैसी रीत सिखा डाली ॥

नाजुक सी गोरी बाहें तेरी ,थाम के चलने को दिल करता है।
श्रृंगार तेरा नख से सिख तक, नित करने को दिल करता है ॥

कोमल कपोलों मे पडी भंवर, है लगता ऋतु अब आयी संवर ।
माथे की सुन्दर सी बेन्दी यह, है लगती फूलों पर मधुकर ॥

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+