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कन्नड़ लेखक और संपादक जी वेंकटसुब्बैया का 107 वर्ष की उम्र में निधन, जानें उनके बारे में


बेंगलुरु, 19 अप्रैल: कन्नड़ के लेखक संपादक और लेक्सियोग्राफर जी वेंकटसुब्बैया का निधन हो गया है। जी वेंकटसुब्बैया 107 साल के थे। जी वेंकटसुब्बैया ने सोमवार (19 अप्रैल) की सुबह अंतिम सांस ली। कन्नड़ भाषा में उनके योगदान के लिए उन्हें पद्म श्री, साहित्य अकादमी पुरस्कार से भी नवाजा गया है। जी वेंकटसुब्बैया को लोकप्रिय रूप से कन्नड़ साहित्यिक क्षेत्र में जाने जाता है। जी वेंकटसुब्बैया एक साहित्यकार, व्याकरणिक और साहित्यिक आलोचक भी थे। उन्होंने 12 शब्दकोश संकलित किए हैं। उनकी रचनाओं में व्याकरण, कविता, अनुवाद और निबंध सहित कन्नड़ साहित्य के विभिन्न रूप शामिल हैं।

जानिए जी वेंकटसुब्बैया के बारे में?

जी वेंकटसुब्बैया का जन्म 23 अगस्त 1913 को हुआ था। मांड्या जिले के गंजम गांव के श्रीरंगपटना में हुआ था। वो आठ भाई-बहनों में दूसरे स्थान पर थे। उनके पिता गंजम थिमनियाह एक प्रसिद्ध कन्नड़ और संस्कृत विद्वान थे। जी वेंकटसुब्बैया को अपने पिता से ही कन्नड़ के प्रति प्रेम की प्रेरणा मिली थी। जी वेंकटसुब्बैया की प्राथमिक स्कूली शिक्षा दक्षिण भारतीय राज्य कर्नाटक के बन्नूर और मधुगिरि के शहरों में हुई है।

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कन्नड़ में पोस्ट-ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद जी वेंकटसुब्बैया ने मांड्या में एक नगरपालिका स्कूल में बतौर शिक्षक के रूप में अपना करियर शुरू किया था। इसके बाद वह दावणगेरे के एक हाई स्कूल और मैसूरु में महाराजा कॉलेज में पढ़ाने चले गए। इसके बाद वह बेंगलुरु के विजया कॉलेज में शिफ्ट हो गए हैं। 1973 में जी वेंकटसुब्बैया ने विजया कॉलेज से सेवानिवृत्त होने के बाद इसके मुख्य संपादक के रूप में कन्नड़-टू-कन्नड़ शब्दकोश पर काम करने की जिम्मेदारी ली। उन्होंने 2011 में बेंगलुरु में आयोजित 77वें अखिल भारतीय कन्नड़ साहित्य सम्मेलन की अध्यक्षता की थी।

जी वेंकटसुब्बैया को उनके स्मारकीय साहित्यिक कृतियों के लिए कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। जी वेंकटसुब्बैया को पद्म श्री, पम्पा पुरस्कार, साहित्य अकादमी द्वारा भाषा सम्मान, कर्नाटक राज्योत्सव पुरस्कार और कर्नाटक साहित्य अकादमी पुरस्कार से नवाजा गया है। अपने 100 साल पूरा करने के बाद वह खबरों में बने हुए थे।

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English Summary

Bengaluru: Kannada writer, editor, lexicographer, G Venkatasubbiah passes away. He was 107 years old.
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