Sonam Wangchuk Health Update: 21 दिन से नई दिल्ली में अनशन पर बैठे सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) की सेहत को लेकर चिंता बढ़ गई है। 18 जुलाई को उन्हें दिल्ली प्रशासन सफदरजंग हॉस्पिटल लेकर गई जहां उन्हें एडमिट किया गया है।
सोनम 28 जून से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे थे। वो 20 जून से कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा शुरू किए गए प्रोटेस्ट के समर्थन में भूख हड़ताल कर रहे हैं। NEET पेपर लीक के विरोध में शुरू हुआ ये प्रोटेस्ट अब आम आदमी और सरकार के बीच की लड़ाई बनती जा रही है।
सोनम वांगचुक की सेहत अनशन की वजह से लगातार बिगड़ रही थी। इसी बीच 18 जुलाई को उन्हें सफदरजंग हॉस्पिटल शिफ्ट कर दिया गया। CJP प्रोटेस्टर्स और समर्थकों का आरोप है कि सोनम को जबरदस्ती उठाकर ले जाया गया है। हालांकि वांगचुक ने हॉस्पिटल में एडमिट होने के बाद भी किसी भी तरह की दवा, फ्लूइड या मेडिकल सहायता लेने से साफ इनकार कर दिया। परिवार ने भी कहा है कि उनके निजी डॉक्टरों की सलाह के बिना कोई इलाज नहीं किया जाए। इस बीच डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी हालत पर नजर रख रही है और उन्हें इलाज के लिए समझाने की कोशिश जारी है। ये भी पढ़ें: '15 लाख आ गए मेरे अकाउंट में', लड़की ने कैमरे के सामने खोल दी CJP की 'फंडिंग' की पोल? बता दिया कहां से आए पैसे रविवार, 19 जुलाई सुबह करीब 8:30 बजे VMMC और सफदरजंग अस्पताल की ओर से सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर नया हेल्थ अपडेट जारी किया गया है। अस्पताल के अनुसार फिलहाल उनके जरूरी हेल्थ पैरामीटर्स स्थिर हैं, लेकिन ब्लड टेस्ट में कुछ बदलाव देखे गए हैं। डॉक्टरों का कहना है कि लंबे समय तक भूखे रहने से शरीर पर लगातार असर पड़ता है, इसलिए उन्हें लगातार मेडिकल निगरानी में रखना जरूरी है। शनिवार, 18 जुलाई की रात अस्पताल की ओर से जारी जानकारी में बताया गया था कि सोनम वांगचुक पूरी तरह होश में हैं। उनका ब्लड प्रेशर, पल्स और ऑक्सीजन लेवल सामान्य है, लेकिन लगातार 21 दिनों तक भोजन नहीं करने की वजह से उनके शरीर में पानी की कमी हो गई है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि समय रहते इलाज नहीं मिला तो उनकी हालत और गंभीर हो सकती है। सोनम वांगचुक की जांच AIIMS, दिल्ली के एक इंडिपेंडेंट स्पेशलिस्ट ने भी की। उन्होंने इलाज कर रही टीम की राय से सहमति जताई और कहा कि उन्हें तुरंत फ्लूइड और इलेक्ट्रोलाइट थेरेपी की जरूरत है। इसके बाद AIIMS के एक डॉक्टर भी सोनम वांगचुक की देखभाल के लिए बनाई गई मेडिकल टीम का हिस्सा बन गया है और उनकी सेहत पर लगातार नजर रखे हुए है। अस्पताल के अनुसार डॉक्टरों ने कई बार समझाया कि नसों के जरिए फ्लूइड, ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ORS) और जरूरी दवाएं लेना जरूरी है। इसके बावजूद सोनम वांगचुक ने हर तरह का इलाज लेने से इनकार कर दिया। अस्पताल ने यह भी बताया कि परिवार की ओर से भी अभी तक इलाज की अनुमति नहीं दी गई है। सोनम वांगचुक की पत्नी गितांजलि जे. आंगमो ने कहा कि उनके लंबे समय से इलाज कर रहे निजी डॉक्टरों की सहमति के बिना कोई मेडिकल प्रक्रिया नहीं होनी चाहिए। परिवार चाहता है कि इलाज शुरू करने से पहले उनके पुराने डॉक्टरों की राय ली जाए। इसी वजह से फिलहाल इलाज को लेकर सहमति नहीं बन सकी है। जंतर-मंतर से सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों के साथ सख्ती की गई और उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान नहीं किया गया। दूसरी ओर डॉक्टरों की टीम लगातार वांगचुक और उनके परिवार से इलाज स्वीकार करने की अपील कर रही है।डॉक्टरों ने जारी किया स्वास्थ्य अपडेट
AIIMS के डॉक्टर भी निगरानी में शामिल
पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल