Neeraj Sinha Afidavit: बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव में बीजेपी उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा का चुनावी हलफनामा चर्चा का विषय बना हुआ है। इसकी सबसे बड़ी वजह उनकी शैक्षणिक योग्यता है। हलफनामे के मुताबिक नीरज ने वर्ष 2012 में मैट्रिक की परीक्षा पास की थी, जबकि ग्रेजुएशन की डिग्री उन्हें 2024 में मिली।
यानी मैट्रिक के बाद स्नातक पूरा करने में उन्हें पूरे 12 साल लग गए। चुनावी मैदान में उम्मीदवारों की शिक्षा पर अक्सर बहस होती है, ऐसे में नीरज का यह शैक्षणिक सफर भी लोगों का ध्यान खींच रहा है। उनके हलफनामे में संपत्ति, आय और अन्य व्यक्तिगत जानकारियां भी सामने आई हैं, जिनकी अब चर्चा हो रही है।
बीजेपी उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा के चुनावी हलफनामे में दर्ज शैक्षणिक योग्यता सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है। हलफनामे के मुताबिक उन्होंने 2012 में मैट्रिक की परीक्षा पास की थी, जबकि 2024 में मगध विश्वविद्यालय के मगध महाविद्यालय सकूराबाद से ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की। यानी मैट्रिक के बाद स्नातक पूरा करने में उन्हें 12 साल लगे। हलफनामे का यह हिस्सा सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जा रहा है। कई यूजर्स इसे लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। ये भी पढे़ं: Bankipur Bypoll: Tej Pratap की पार्टी की प्रत्याशी वीणा मानवी कौन? नामांकन के बाद हिरासत में क्यों? रोने लगीं नीरज कुमार सिन्हा के हलफनामे के अनुसार उनके पास अपना घर और कोई निजी वाहन नहीं है। उनकी कुल संपत्ति 20 लाख 28 हजार 554 रुपये है, जिसमें 12.28 लाख रुपये चल संपत्ति शामिल है। एसबीआई मीठापुर शाखा के खाते में करीब 8.99 लाख रुपये और यूको बैंक के खाते में 25 हजार रुपये जमा हैं। उनके पास सोने की चेन, एक अंगूठी और 200 ग्राम चांदी भी है। 32 वर्षीय नीरज कुमार सिन्हा ने खुद को सामाजिक कार्यकर्ता और व्यापारी बताया है। उन्होंने अपनी आय का मुख्य स्रोत कृषि और व्यापार बताया है। हलफनामे के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2026-27 में उनकी आय 6.71 लाख रुपये, 2025-26 में 4.97 लाख रुपये और 2024-25 में 4.89 लाख रुपये रही। नीरज अविवाहित हैं और उनका स्थायी पता पटना के मीठापुर बी एरिया में दर्ज है। ये भी पढ़ें: Prashant Kishor Education: प्रशांत किशोर की पोस्ट ग्रेजुएशन डिग्री फर्जी है? चुनावी हलफनामे पर बवाल बांकीपुर विधानसभा सीट पर पहले बीजेपी ने अभिषेक कुमार बंटी को उम्मीदवार बनाया था, लेकिन उनके नाम वापस लेने के बाद पार्टी ने नीरज कुमार सिन्हा को चुनाव मैदान में उतारा। यह सीट बीजेपी के लिए प्रतिष्ठा का सवाल मानी जा रही है। 30 जुलाई को होने वाले मतदान से पहले उम्मीदवारों के हलफनामे भी चर्चा में हैं। नीरज की शैक्षणिक योग्यता और साधारण आर्थिक प्रोफाइल ने इस चुनाव में अलग तरह की राजनीतिक चर्चा को जन्म दिया है।12 साल बाद ग्रेजुएशन करने पर सोशल मीडिया पर चर्चा
घर-गाड़ी नहीं, 20.28 लाख रुपये की संपत्ति
खेती और व्यापार से होती है आय
बांकीपुर उपचुनाव में बीजेपी ने बदला उम्मीदवार