Rohan Kumar Marine Engineer: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य संघर्ष का असर अब भारतीय परिवारों पर भी पड़ने लगा है। ईरान के मिसाइल हमले में बिहार के गोपालगंज जिले के रहने वाले मरीन इंजीनियर रोहन कुमार उर्फ सोनू गुप्ता की मौत हो गई।
रोहन मर्चेंट नेवी में इंजीनियर थे और सऊदी अरब के समुद्री क्षेत्र में एक जहाज पर ड्यूटी कर रहे थे। हमले की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पहले कंपनी ने उनके घायल होने की सूचना दी, लेकिन कुछ देर बाद मौत की खबर मिलने से पूरे गांव और इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
मृतक रोहन कुमार उर्फ सोनू गुप्ता गोपालगंज जिले के थावे प्रखंड के विदेशी टोला के रहने वाले थे। उनके पिता संजय गुप्ता स्थानीय व्यवसायी हैं और भाजपा लघु उद्योग प्रकोष्ठ के जिला संयोजक भी हैं। बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। रिश्तेदार और आसपास के लोग लगातार उनके घर पहुंच रहे हैं। पूरे गांव में मातम का माहौल है और हर कोई इस दुखद घटना से स्तब्ध है। ये भी पढे़ं: Trump On Hormuz: डोनाल्ड ट्रंप का 24 घंटे में यू-टर्न! होर्मुज पर अचानक बदला फैसला, ईरान ने दी युद्ध की धमकी रोहन कुमार मर्चेंट नेवी में मरीन इंजीनियर के रूप में कार्यरत थे। उनके छोटे भाई आलोक कुमार ने बताया कि वह एडीएनओसी (ADNOC) से जुड़ी एक कंपनी में नौकरी कर रहे थे। ड्यूटी के दौरान उनका जहाज सऊदी अरब के समुद्री क्षेत्र में मौजूद था। इसी दौरान ईरान की ओर से हुए मिसाइल हमले की चपेट में जहाज आ गया। इस हमले में रोहन गंभीर रूप से घायल हुए और बाद में उनकी मौत हो गई। परिजनों के अनुसार, कंपनी की ओर से सबसे पहले फोन कर बताया गया कि मिसाइल हमले में रोहन घायल हो गए हैं। इससे परिवार को उम्मीद थी कि उनका इलाज चल रहा होगा और वह जल्द ठीक हो जाएंगे। लेकिन करीब एक घंटे बाद कंपनी की ओर से दोबारा फोन आया और रोहन की मौत की सूचना दी गई। यह खबर सुनते ही परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। ये भी पढे़ं: Masked Man Iran: Ali Khamenei के जनाजे में नकाबपोश बनकर पहुंचे थे मोजतबा? क्या आई खबर और क्या है सच्चाई? रोहन कुमार के परिवार को अब उनके पार्थिव शरीर के भारत पहुंचने का इंतजार है। परिजन चाहते हैं कि जल्द से जल्द उनका शव गोपालगंज लाया जाए ताकि पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जा सके। इस घटना के बाद इलाके के लोगों ने भी परिवार के प्रति संवेदना जताई है। वहीं, परिजनों को उम्मीद है कि केंद्र और राज्य सरकार शव को भारत लाने और हर संभव सहायता उपलब्ध कराने में मदद करेगी।गोपालगंज के विदेशी टोला के रहने वाले थे रोहन कुमार
मर्चेंट नेवी में मरीन इंजीनियर के पद पर थे तैनात
पहले घायल होने, फिर मौत की मिली सूचना
पार्थिव शरीर का इंतजार, सरकार से मदद की उम्मीद