Bihar Police Encounter: बिहार में अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है। ताजा मामला बांका जिले का है, जहां डबल मर्डर केस के मुख्य शूटर सचिन सिंह के साथ पुलिस की मुठभेड़ हो गई। हथियार बरामद कराने के लिए जंगल ले जाने के दौरान आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग कर फरार होने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उसके पैर में गोली मार दी।
घायल आरोपी को पहले बांका सदर अस्पताल और फिर बेहतर इलाज के लिए भागलपुर के मायागंज अस्पताल रेफर किया गया। वहीं इस कार्रवाई के बाद बिहार में एक बार फिर पुलिस एनकाउंटर चर्चा का विषय बन गया है।
बांका पुलिस शनिवार की अहले सुबह गिरफ्तार शूटर सचिन सिंह को अमरपुर थाना क्षेत्र के बलिया गांव के जंगल में छिपाए गए हथियार की बरामदगी के लिए लेकर गई थी। पुलिस के मुताबिक, मौके पर पहुंचते ही आरोपी ने पुलिसकर्मियों से हाथ छुड़ाकर भागने की कोशिश की। उसने छिपाकर रखी गई पिस्टल निकाल ली और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी गोली चलाई, जो उसके पैर में लगी। घायल होने के बाद उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। ये भी पढे़ं: Bihar News: बिहार में 3035 सरकारी शिक्षकों की जाएगी नौकरी, ब्याज सहित वेतन वसूलेगी सरकार, शिक्षामंत्री का ऐलान बांका एसपी अमितेश कुमार ने बताया कि डबल मर्डर के मुख्य आरोपी सोमनाथ सिंह की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी थी। इसके बाद फरार चल रहे शूटर सचिन सिंह को रांची के एक होटल से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने हथियार जंगल में छिपाने की बात कबूल की थी। इसी सूचना पर पुलिस उसे लेकर मौके पर पहुंची थी। एसपी ने कहा कि आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास है और उसके खिलाफ कई महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई जा रही हैं। दरअसल, पांच जुलाई को अमरपुर थाना क्षेत्र के धर्मराय गांव में गुंजन सिंह और सिंधु कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि वारदात की वजह पुरानी रंजिश और रास्ते का विवाद था। गिरफ्तार मुख्य आरोपी सोमनाथ सिंह ने भी पूछताछ में इसी विवाद को हत्या का कारण बताया था। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है और सभी आरोपियों की भूमिका की पड़ताल जारी है। डबल मर्डर मामले में मुख्य आरोपी सोमनाथ सिंह उर्फ सोम सिंह को पुलिस पहले ही बेगूसराय से गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है। उसके बाद से सचिन सिंह लगातार फरार चल रहा था। पुलिस की कई टीम उसकी तलाश में जुटी थीं। रांची से गिरफ्तारी के बाद उससे लगातार पूछताछ की गई, जिसके आधार पर हथियार बरामद करने की कार्रवाई शुरू हुई। इसी दौरान हुई मुठभेड़ में वह घायल हो गया और अब पुलिस निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। ये भी पढे़ं: Bihar Rapid Rail: बिहार में 'मिनी बुलेट ट्रेन' की तैयारी, मुजफ्फरपुर, गया, आरा और बेगूसराय वालों की होगी मौज पुलिस के अनुसार, मारे गए गुंजन सिंह का भी आपराधिक इतिहास रहा है। साल 2020 में उसके खिलाफ हत्या के प्रयास और एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ था। गांव में उसकी पहचान नशे की लत और आपराधिक गतिविधियों से जुड़ी बताई जाती रही है। वहीं, घटना के बाद फरार हुए एक अन्य युवक की पहचान और उसके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। पुलिस का मानना है कि इस गिरफ्तारी के बाद पूरे हत्याकांड से जुड़े कई और अहम खुलासे हो सकते हैं।Banka police encounter: हथियार बरामदगी के दौरान पुलिस पर की फायरिंग
एसपी बोले- रांची के होटल से हुई थी गिरफ्तारी
रास्ते के विवाद में हुई थी दो लोगों की हत्या
मुख्य आरोपी पहले ही भेजा जा चुका है जेल
मारे गए गुंजन और फरार आरोपी का भी रहा आपराधिक रिकॉर्ड