विश्व साक्षरता दिवस पर कैसे तैयार करें बेहतर भाषण? लोगों को शिक्षा का महत्व बताता है ये दिन
नई दिल्ली, सितंबर 08। किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व में निखार लाने के लिए उसका साक्षर होना बहुत जरूरी है और इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए हर साल विश्व साक्षरता दिवस (World Literacy Day) 8 सितंबर को मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य लोगों को साक्षरता का महत्व याद दिलाना है कि साक्षरता हमारा अधिकार है। हैरानी वाली बात ये है कि 21वीं सदी में भी लोगों में बुनियादी साक्षरता को लेकर बेहद कम जागरूकता है। मनुष्य के विकास और एक स्थायी वातावरण बनाने के लिए साक्षरता और शिक्षा बहुत महत्वपूर्ण है।

विश्व साक्षरता दिवस 2021 की थीम
आपको बता दें कि हर साल विश्व साक्षरता दिवस को एक अलग थीम के साथ मनाया जाता है। इस साल की थीम 'डिजिटल विश्व में साक्षरता' है। दरअसल, पिछले साल और इस साल कोरोना महामारी के चलते शिक्षा के क्षेत्र में बहुत बाधाएं आई हैं, इसलिए शिक्षा के विभाजन को कम करने के लिए संयुक्त राष्ट्र वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) ने इस साल की थीम "मानव-केंद्रित पुनर्प्राप्ति के लिए साक्षरता: डिजिटल विभाजन को कम करना' रखी है।

World literacy day पर छात्रों के लिए भाषण
- विश्व साक्षरता दिवस के मौके पर छात्रों को स्कूलों में एक स्पीच भी देनी होती है। ऐसे में एक बेहतर स्पीच तैयार करना छात्रों के लिए बहुत जरूरी होता है, ताकि श्रोताओं को विश्व साक्षरता दिवस के बारे में बेहतर जानकारी मिल सके। ऐसे में हम आपको विश्व साक्षरता दिवस पर एक बेहतर भाषण के बारे में बताते हैं।
- विश्व साक्षरता दिवस को मनाने का उद्देश्य ही दुनियाभर में शिक्षा के महत्व के बारे में बताना, शिक्षा का प्रसार और प्रचार करना है। हर साल विश्व साक्षरता दिवस 8 सितंबर को मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने की शुरुआत साल 1966 में हुई थी। संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) ने 17 नवंबर, 1965 को अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के रूप में घोषित किया गया था। इस दिवस को मनाने की शुरुआत तेहरान में मिले निरक्षरता के उन्मूलन पर शिक्षा मंत्री के विश्व सम्मेलन में की गई सिफारिश के बाद हुई थी।

21वीं सदी में भी शिक्षा से वंचित हैं लोग
- 21वीं सदी में भी बहुत से लोग आज भी शिक्षा से वंचित रहते हैं और वो भी तब, जब दुनियाभर के कई देशों में शिक्षा हर किसी का मौलिक अधिकार है। यह दिन लोगों को शिक्षा के महत्व के बारे में जागरूक करता है। साक्षरता का अर्थ है पढ़ने और लिखने में सक्षम होना। भारत में अभी भी बहुत से लोग साक्षर नहीं हैं।
- अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस उन लोगों के लिए हैं, जो अभी साक्षरता से बहुत दूर हैं। यह वह दिन भी है जब लोगों को मानव जाति की उपलब्धियों के बारे में पता चलता है। यह दिन करियर और व्यावसायिक कौशल से जुड़े विभिन्न कौशल और दक्षताओं पर भी प्रकाश डालता है। यूनेस्को के अनुसार साक्षरता सबसे अच्छा उपाय है किसी के जीवन में उजाला करने का। लोगों की स्थिति में तभी सुधार हो सकता है जब लोग पढ़-लिख सकें और रोजगार प्राप्त कर सकें।












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