अमरावती को लेकर चंद्रबाबू के दावे को YSRCP ने किया खारिज, लगाया बड़ा आरोप
संवाददाताओं से बात करते हुए, चंद्रबाबू नायडू ने कहा, 'केंद्र ने उच्चतम न्यायालय में एक हलफनामा दायर किया था, जिसमें राज्य के विभाजन के बाद आंध्र प्रदेश के शेष राज्य के लिए नए राजधानी शहर के चयन का पूरा विवरण दिया गया था।

वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के राज्यसभा सांसद वी विजयसाई रेड्डी ने टीडीपी प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू के उस दावे को खारिज किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमरावती को आंध्र प्रदेश की राजधानी घोषित करने से पहले एक सार्वजनिक परामर्श किया गया था। शुक्रवार को ट्विटर पर वाईएसआरसीपी सांसद ने लिखा कि चंद्रबाबू नायडू ने केवल अपने भू-माफियाओं के कार्टेल से सलाह ली थी, जिन्होंने राजधानी की घोषणा से पहले हजारों एकड़ जमीन जमा कर ली थी। शिवरामकृष्णन समिति ने भी अमरावती को राजधानी के रूप में खारिज कर दिया था।
आपको बता दें कि आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने गुरुवार को कहा था कि अवैज्ञानिक बंटवारे से ज्यादा राज्य को मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने नुकसान पहुंचाया है। चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि वो यह भी जानना चाहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट से मंजूरी लिए बिना जगन मोहन विशाखापत्तनम को राज्य की राजधानी कैसे घोषित कर सकते हैं।
संवाददाताओं से बात करते हुए, चंद्रबाबू नायडू ने कहा, 'केंद्र ने उच्चतम न्यायालय में एक हलफनामा दायर किया था, जिसमें राज्य के विभाजन के बाद आंध्र प्रदेश के शेष राज्य के लिए नए राजधानी शहर के चयन का पूरा विवरण दिया गया था। टीडीपी सरकार ने आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम का विधिवत पालन करके अमरावती को राजधानी के रूप में अधिसूचित किया, जबकि वाईएसआरसीपी सरकार ने तीन राजधानी शहरों की स्थापना पर केंद्र से परामर्श नहीं किया।'












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