पिछड़ों के लिए करते रहेंगे आरक्षण की मांग, नीति आयोग की बैठक से लौटकर बोले हेमंत सोरेन
रांची: नीति आयोग की बैठक में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन झारखंड लौट चुके हैं। झारखंड लौटने के बाद मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य की बकाया राशि और एससी एसटी रिज़र्वेशन से संबंधित मांग रखी गयी है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि राज्य के गांवों का विकास होगा, तभी राज्य का विकास होगा। हमारी प्राथमिकता गांवों के विकास की है। पिछड़ों के आरक्षण को लेकर हमने नीति आयोग की बैठक में अपनी मांगें रखी हैं। हम लगातार आरक्षण का प्रतिशत बढ़ाने की मांग करते आ रहे हैं और आगे भी लगातार मांग करते रहेंगे। नीति आयोग की बैठक में भाग लेने के बाद रविवार की शाम राजधानी लौटने पर मुख्यमंत्री हवाई अड्डे पर मीडिया से बात कर रहे थे। मुख्यमंत्री नीति आयोग की बैठक में भाग लेने के लिए शुक्रवार को ही दिल्ली रवाना हुए थे। शनिवार को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में नीति आयोग की बैठक में अनेक राज्यों ने हिस्सा लिया।
पब्लिक डोमेन में आ गई है हमारी मांग
मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग और प्रधानमंत्री के सामने झारखंड की ओर से जितनी मांगें रखी गयी हैं, वे सभी पब्लिक डोमेन में आ गयी हैं। प्रधानमंत्री ने बैठक में कहा कि राज्य विकास करेंगे तभी देश का विकास होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यही बात राज्यों के साथ भी लागू होती है। राज्यों के अंदर जब गांव का विकास होगा, तभी राज्य का विकास होगा। सीएम ने संसद के नए भवन के उदघाटन अवसर पर विपक्ष के विरोध करने और दूरी बनाए रखने के सवाल पर मीडिया से सवाल पूछ दिया कि दिल्ली में पहलवानों के साथ क्या हुआ, यह सवाल आप लोगों ने नहीं पूछा ?
न्यायिक व्यवस्था में आदिवासी आरक्षण की मांग
गौरतलब है कि इससे पहले 25 मई को झारखंड विधानसभा के नए भवन के उद्घाटन के मौके पर अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया डीवाई चंद्रचूड़ के सामने न्यायिक व्यवस्था में आदिवासियों के आरक्षण की मांग उठाई थी। उन्होंने कहा था कि न्यायिक व्यवस्था में आदिवासियों की संख्या कम है। ऊंचे पदों पर तो ना के बराबर ही अनुसूचित जनजाति के लोग हैं। उनका कहना था कि यदि समाज में हाशिए के इन लोगों की आवाज है तो व्यवस्था में जगह भी देनी होगी।












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