केंद्रीय गृह मंत्री ने झारखंड मुख्यमंत्री को भेजा आमंत्रण पत्र
रांची, 18 अक्टूबर: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 27-28 अक्टूबर को सभी राज्यों के गृह मंत्रियों को हरियाणा के सूरजकुंड में आयोजित चिंतन शिविर में बुलाया है। इस शिविर में झारखंड, पश्चिम बंगाल और राजस्थान के मुख्यमंत्री क
रांची, 18 अक्टूबर: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 27-28 अक्टूबर को सभी राज्यों के गृह मंत्रियों को हरियाणा के सूरजकुंड में आयोजित चिंतन शिविर में बुलाया है। इस शिविर में झारखंड, पश्चिम बंगाल और राजस्थान के मुख्यमंत्री को आमंत्रित किया गया है, क्योंकि ये तीनों मुख्यमंत्री गृह मंत्रालय अपने पास ही रखे हुए हैं। हालांकि, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत साेरेन चिंतन शिविर में जाएंगे या नहीं, यह अभी साफ नहीं है। इस शिविर में देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों और समस्याओं पर चर्चा हाेगी। इसके अलावा राज्यों की पुलिस, नागरिक सुरक्षा, अग्निशमन और होमगार्ड से जुड़े मुद्दों पर भी मंथन किया जाएगा।

केंद्रीय गृह मंत्रालय का मानना है कि आंतरिक सुरक्षा से जुड़ीं कुछ समस्याएं ऐसी हैं, जिन्हें राज्यों के साथ पारस्परिक समन्वय और मदद से ही खत्म किया जा सकता है। राज्यों के गृह मंत्रियों के साथ गृह सचिव और डीजीपी भी शिविर में हिस्सा लेंगे। दो दिनों तक चलनेवाले इस शिविर के लिए अलग-अलग सत्रों में अलग-अलग विषयों पर चर्चा होगी। गृहमंत्री अमित शाह खुद दोनों दिन के शिविर में मौजूद रहेंगे।
अमित शाह ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन काे लिखे पत्र में कहा है कि 27 और 28 अक्तूबर को सूरजकुंड में सभी राज्यों के गृह मंत्रियों के साथ आंतरिक सुरक्षा पर चर्चा की जाएगी। इनमें पुलिस व्यवस्था, नागरिक सुरक्षा व होमगार्ड से संबंधित प्रासंगिक मुद्दों और इन क्षेत्रों में प्रभावी समाधानों के लिए और पारस्परिक सरोकार के अन्य क्षेत्रों के बारे में परस्पर विचार मंथन के लिए एक मंच प्रदान करेगा। आज जब हम आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं, तो इस कार्यक्रम में सामने आए विचारों से राष्ट्र निर्माण करने में प्रेरणा और सामर्थ्य प्रदान करने में निश्चित रूप से मदद मिलेगी।
केंद्रीय गृह मंत्री ने लिखा है कि वे सीएम काे चिंतन शिविर में उपस्थित रहने और अपने बहुमूल्य सुझावों से कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए आमंत्रित कर रहे हैं। यह भी अनुरोध है कि शिविर में गृह सचिव व डीजीपी भी उपस्थित रहें। उन्हें अलग से भी सूचित किया गया है। कार्यक्रम के एजेंडे को अंतिम रूप दिया जा रहा है, फिर भी सूचना के लिए अंतरिम एजेंडा संलग्न है। यह भी कहा है कि चिंतन शिविर में भाग लेने के लिए उपस्थिति की पुष्टि होने से हमें आवश्यक व्यवस्थाएं करने में सुविधा होगी।
झारखंड में नक्सलवाद की समस्या सबसे ज्यादा है। केंद्रीय गृह मंत्रालय लगातार इसकी मॉनिटरिंग कर रहा है। इस पर नियंत्रण के लिए यहां कई केंद्रीय योजनाएं चल रही हैं। इसके अलावा बांग्लादेश की सीमा से सटे हाेने की वजह से घुसपैठ का भी मामला विधानसभा में उठता रहा है।












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