Jharkhand: झारखंड के विश्वविद्यालयों में होगी शिक्षकों की नियुक्ति, भरे जाएंगे खाली पद
मंत्री ने बताया कि रांची विश्वविद्यालय में 142 जेआरएफ पास अभ्यर्थी हैं जिनके खिलाफ 92 शोध निदेशक हैं। इसी तरह अन्य विश्वविद्यालयों में भी स्थिति काफी बेहतर है।

झारखंड के विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पद जल्द भरे जाएंगे। शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करने के लिए विश्वविद्यालयों से आरक्षण रोस्टर क्लीयर करने को कहा गया है। विनोवा भावे विश्वविद्यालय से रिपोर्ट आ गई है। यह जवाब प्रभारी मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने भाकपा माले विधायक विनोद सिंह के प्रश्न पर दिया।
कार्मिक भेजा को भेजा गया है कि नियुक्ति प्रक्रिया प्रस्ताव
मिथिलेश ठाकुर ने कहा कि राज्य के विश्वविद्यालयों के मुख्यालय और अंगीभूत कॉलेज में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए विश्वविद्यालय को इकाई मानकर आरक्षण रोस्टर क्लियरेंस की प्रक्रिया के लिए प्रस्ताव कार्मिक विभाग को भेजा गया है। शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रियाधीन है। सरकार ने यह जवाब भाकपा माले विधायक विनोद कुमार सिंह के सवाल पर दिया। सरकार ने माना है कि विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के 40 फीसदी पद रिक्त हैं।
रिक्त पदों का प्रतिशत और भी ज्यादा बढ़ जाएगा
घंटी आधारित शिक्षक नहीं हों तो रिक्त पद का प्रतिशत और बढ़ जाएगा विधायक विनोद सिंह ने कहा कि रांची विश्वविद्यालय में स्थिति और भी खराब है। उन्होंने कहा कि घंटी आधारित शिक्षकों को हटा दें तो रिक्त पदों का प्रतिशत और बढ़ जाएगा। उन्होंने कहा कि यूजीसी ने असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, प्रोफेसर के लिए यह मानक तय किया है कि वह कितने अभ्यर्थियों को शोध करा सकते हैं, लेकिन मानक का पालन नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य के विश्वविद्यालयों में 300 से ज्यादा जेआरएफ पास अभ्यर्थियों को शिक्षकों के अभाव में शोध निदेशक नहीं मिल रहे हैं।
झारखंड के यूनिवर्सिटी में शोध निदेशकों की कमी नहीं
मंत्री ने जानकारी दी कि रांची यूनिवर्सिटी में जेआरएफ पास 142 अभ्यर्थी हैं इनके विरुद्ध 92 शोध निदेशक हैं। इसी प्रकार अन्य विश्वविद्यालयों में भी स्थिति काफी बेहतर है। शोधार्थियों को कोई परेशानी नहीं हो रही है। वहीं विनोबा भावे यूनिवर्सिटी में जेआरएफ पास अभ्यर्थियों की संख्या 88 है, जबकि शोध निदेशक 42 है। सिदो-कान्हू मुर्मू यूनिवर्सिटी में जेआरएफ पास अभ्यर्थियों की संख्या 19 और शोध निदेशकों की संख्या 63 है। शोध निदेशकों की राज्य में कमी नहीं है।
संताली भाषा के शिक्षकों की चयन प्रक्रिया होगी शुरू
संसदीय कार्य मंत्री ने कहा है कि पूर्वी सिंहभूम के नौ विद्यालयों और चार आदर्श स्कूलों में संताली भाषा के शिक्षकों का चयन अगले महीने शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाषा उपयोग के आधार पर सरकार संबंधित शिक्षकों की नियुक्ति का मानक तय करती है। उन्होंने यह जवाब विधायक समीर मोहंती और रामदास सोरेन के ध्यानाकर्षण पर दिया।
विधायकों ने उर्दू, बांग्ला, अड़िया भाषा के शिक्षकों की भर्ती किए जाने, लेकिन संताली का नहीं होने पर सवाल उठाया। उन्होंने संताली शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होने पर मापदंड को लेकर भी सवाल उठाया। विपक्ष के हंगामे के बीच सदन में दो ध्यानाकर्षण पर सरकार ने उत्तर दिया। कांग्रेस विधायक उमाशंकर अकेला ने हजारीबाग जिले के बरही स्थित श्रीनगर गांव के विस्थापितों को जमीन का पट्टा नहीं मिलने का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि 1951- 52 में डीवीसी द्वारा विस्थापित परिवारों को अब तक जमीन का पट्टा नहीं मिला है। सरकार ऐसे परिवार को उनका हक दिलाए। इस पर मंत्री जोबा मांझी ने कहा कि विस्थापितों का यह मामला काफी पुराना है। सरकार जांच रिपोर्ट के आधार पर निर्णय लेगी।












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