टीडीपी ने कहा, 'आंध्र प्रदेश पर 12.5 लाख करोड़ से ज्यादा का कर्ज, केंद्र करे हस्तक्षेप'
रामकृष्णुडु ने संवाददाताओं से कहा, वाईएसआरसीपी सरकार ने न केवल राज्य के लोगों के लिए समस्याएं पैदा कीं बल्कि पूरी अर्थव्यवस्था को पंगु बना दिया।

आंध्र प्रदेश विधान परिषद में विपक्ष के नेता यनामला रामकृष्णुडु ने सोमवार को कहा कि राज्य का कुल ऋण बोझ 12.50 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया है। उन्होंने कहा कि मुझे आश्चर्य है कि केंद्र सरकार या भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) इसे गंभीरता से क्यों नहीं ले रहे हैं।
तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के नेता और पूर्व वित्त मंत्री यनामला रामकृष्णुडु ने आरोप लगाया कि वाईएस जगन मोहन रेड्डी के मुख्यमंत्री बनने के बाद राज्य पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है और लोगों ने ऐसी गंभीर स्थिति कभी नहीं देखी है। उन्होंने कहा कि फिर भी ना तो केंद्र सरकार और ना ही आरबीआई स्थिति को गंभीरता से ले रहे हैं।
रामकृष्णुडु ने संवाददाताओं से कहा कि वाईएसआरसीपी सरकार ने न केवल राज्य के लोगों के लिए समस्याएं पैदा कीं बल्कि पूरी अर्थव्यवस्था को पंगु बना दिया। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था को सबसे निचले स्तर पर धकेलने का श्रेय जगन मोहन रेड्डी को है। उन्होंने गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अब प्रत्येक व्यक्ति के सिर पर 5.5 लाख रुपये का कर्ज है और मार्च 2024 तक बकाया कर्ज और बढ़ जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस सब के बावजूद, आरबीआई राज्य को अधिक धन उधार लेने की अनुमति दे रहा है और आने वाले दिनों में लोगों को आरटीसी और बिजली शुल्क के संशोधन और दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए 15,000 करोड़ रुपये का भारी बोझ उठाना पड़ेगा। राज्य सरकार दावा कर रही है कि कल्याणकारी योजनाओं के लिए हजारों करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट कहती है कि लाभार्थियों तक पूरी तरह से धन नहीं पहुंच रहा है।












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