CM मान के सख्त रवैये से सकते में अफसरशाही व प्रशासन, अधिकारियों के कामकाज में बदलाव आने की उम्मीद
लुधियाना में एक पी.सी.एस. अधिकारी को विजिलेंस ब्यूरो द्वारा गिरफ्तार करने की कार्रवाई से खफा पी.सी.एस. अधिकारियों तथा उनके साथ जुड़े अन्य सिविल अधिकारियों व कर्मचारियों ने प्रदेश भर में कलमछोड़ हड़ताल का ऐलान कर दिया था।

देश की आजादी के करीब 75 वर्षो के दौरान शायद पहली बार किसी सरकार के कार्यकाल में हड़ताल पर गए पी.सी.एस. व अन्य विभागों के सिविल अधिकारियों व कर्मचारियों ने जिस प्रकार मुख्यमंत्री की सख्त कार्यप्रणाली के झुकते हुए कलमछोड़ हड़ताल वापिस ली है, उससे जहां लम्बे समय से मनमर्जी कर सरकारी कामों में खलल डालने की आदत से मजबूर अफसरशाही को जबरदस्त झटका दिया है, उससे जहां मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की छवि नई ऊंचाइयों पर पहुंच गई हैं, वहीं आम आदमी को अकसर बेरुखी से काम करने वाले अफसरशाही तथा सिविल प्रशासनिक अधिकारियों व कर्मचारियों के कामकाज के तरीके में भारी बदलाव आने की उम्मीद बढ़ गई है।
गौरतलब है कि लुधियाना में एक पी.सी.एस. अधिकारी को विजिलेंस ब्यूरो द्वारा गिरफ्तार करने की कार्रवाई से खफा पी.सी.एस. अधिकारियों तथा उनके साथ जुड़े अन्य सिविल अधिकारियों व कर्मचारियों ने प्रदेश भर में कलमछोड़ हड़ताल का ऐलान कर दिया था। जिस कारण पहले से ही सरकारी तंत्र की सुस्त कार्यप्रणाली से दुखी आम जनता में भारी चिंता फैल गई थी, लेकिन मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक बड़ा स्टैंड लेते हुए अफसरशाही को अपनी हड़ताल वापिस लेने की बात करते हुए काम पर न लौटने वाले सरकारी अधिकारियों तथा कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का ऐलान किया था।
गौर हो कि लाखों-हजारों रुपए के वेतन लेने वाले सरकारी तंत्र से जुड़े सीनियर अधिकारी व कर्मचारी लोगों के कामों के प्रति गंभीर न होकर अक्सर अपनी मांगें मंगवाने के लिए कई-कई दिनों की लंबी हड़तालों पर चले जाते थे, जिसका सीधा प्रभाव आम आदमी से जुड़े कार्यों पर पड़ रहा था। लेकिन अब जिस तरह मुख्यमंत्री मान ने प्रदेश के इतिहास में शायद पहली बार इतना सख्त एक्शन लिया है, उसका आम आदमी ने जबरदस्त स्वागत किया है, जिसका बढि़या असर आने वाले दिनों में देखने को मिल सकता है।
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