Rajasthan: 'भारत में चीन-रूस की तरह चुनाव होंगे', BJP-RSS पर बरसे CM गहलोत
CM गहलोत ने कहा कि लोकतंत्र खतरे में है, देश किस दिशा में जा रहा है, किसी को नहीं पता है. आलोचना करने वाले लोग बहुत ज्यादा है।

Rajasthan: राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने एक बार बीजेपी और आरएसएस पर हमला बोला है. अशोक गहलोत ने कहा है कि बीजेपी के लोगों की प्रगतिशील सोच नहीं है, वे हमेशा दकियानूसी सोच रखते हैं. आरएसएस और बीजेपी की मंशा बहुत खतरनाक है. देश समय पर नहीं समझा तो आने वाली पीढ़ियां भुगतेंगी। सीएम ने कहा कि यहां रूस, चीन की तरह चुनाव होंगे, नकली चुनाव होंगे, एक पार्टी होगी. वो ही आपस में चुनाव लड़कर नाटक करेगी. सत्ता में बार-बार आएगी. गहलोत ने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने कुर्बानी देकर देश के लोकतंत्र को जिंदा रखा है।
बीकानेर के जसरासर में किसान सम्मेलन में गहलोत ने कहा, "राजीव गांधी ने जब देश में कंप्यूटर क्रांति लाने की सोचा तो, वे संसद में बैलगाड़ी ले आए और कहते हैं कि राजीव गांधी का दिमाग खराब हो गया है, कंप्यूटर आएगा तो टाइपिस्ट कहां जाएंगे, लोगों का रोजगार छिन जाएगा. ऐसे दकियानूसी सोच है इनकी." उन्होंने कहा कि, "जनसंघ के लोग कहते थे कि पंडित नेहरू का दिमाग खराब हो गया है. भाखड़ा डैम बनाया. डैम के पानी से जब बिजली पैदा हो जाएगी तो क्या पानी की ताकत निकल जाएगी, तो क्या पानी खेतों में तबाही लाएगा?
सीएम ने कहा कि ये किसानों के लिए काले कानून लेकर आए. आंदोलन में 700 किसान मारे गए. कोई संवेदनशीलता है ही नहीं. अगर किसानों से आप पहले ही बात कर लेते कोई रास्ता निकाल लेते तो फिर इन किसानों की मौत नहीं होती।"
'अडाणी के नाम पर पीएम मोदी ने मौन धारण किया है'
सीएम गहलोत ने कहा कि राहुल गांधी ने अडाणी का मुद्दा उठाया तो कोई जवाब नहीं दिया.क्या सत्ता पक्ष का यह धर्म नहीं है कि उनको जवाब देना चाहिए? कुछ भी जवाब दो वह आपकी मर्जी लेकिन कुछ कहिए तो सही? यह पहला मौका है कि देश के अंदर प्रधानमंत्री ने अडाणी के नाम पर मौन धारण किया हुआ है.
वसुंधरा राजे के बयान पर पलटवार किया
अशोक गहलोत ने पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के नींबू और दूध में मेल नहीं वाले बयान पर पलटवार किया. उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों के लिए कई योजनाएं बनाई है. अगला चुनाव आ रहा है, चुनाव में हमने अनुभव किया है कि सरकार बदलते हमारी स्कीम को यह लोग बदल देते हैं, जिससे राजस्थान के लोगों का नुकसान होता है। उन्होंने कहा, "हमने रिफाइनरी शुरू की थी वो बंद कर दी.हजारों नौजवानों को काम मिलता था. हम सत्ता में वापस आए तब हमने रिफाइनरी फिर से चालू करवाया. यहीं दूध और नींबू में अंतर है।












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