नीतीश कुमार की दावेदारी पर सवाल, 'दिल्ली दूर' करेंगे अरविंद केजरीवाल
2024 लोकसभा चुनाव में अभी दो साल की देरी है, लेकिन पीएम पद के लिए दावेदारी की दौड़ शुरू हो गई है। कांग्रेस पार्टी की ओर से राहुल गांधी के अलावा ममता बनर्जी, के चंद्रशेखर राव, नीतीश कुमार से लेकर अरविंद केजरीवाल जैसे कई च
नई दिल्ली,2 सितंबर: 2024 लोकसभा चुनाव में अभी दो साल की देरी है, लेकिन पीएम पद के लिए दावेदारी की दौड़ शुरू हो गई है। कांग्रेस पार्टी की ओर से राहुल गांधी के अलावा ममता बनर्जी, के चंद्रशेखर राव, नीतीश कुमार से लेकर अरविंद केजरीवाल जैसे कई चेहरे तैयार हैं। बंगाल, बिहार, दिल्ली से लेकर दक्षिणी राज्य तेलंगाना से जिस तरह के संकेत आ रहे हैं, उससे विपक्ष के लिए साझा चेहरा तय कर पाना मुश्किल दिख रहा है। हाल ही में एनडीए छोड़कर आरजेडी के साथ सरकार बनाने वाले नीतीश कुमार ने भी 'दिल्ली चलो' के संकेत दे दिए हैं, लेकिन दिल्ली में ही सरकार चले रहे अरविंद केजरीवाल की पार्टी उन्हें 'दिल्ली दूर' है का संदेश दे रही है।

भाजपा और कांग्रेस को छोड़कर एक से अधिक राज्य में सरकार चला रही एकमात्र पार्टी ने भी राष्ट्रीय भूमिका के लिए अपनी दावेदारी मजबूती से पेश कर दी है। पटना में जेडीयू कार्यालय पर लगे पोस्टरों ने जहां एक तरह से नीतीश की दावेदारी का ऐलान कर दिया है तो दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी ने कहा है कि 2024 में अरविंद केजरीवाल पीएम मोदी को टक्कर देंगे। 'आप' के राज्यसभा सांसद और संस्थापक सदस्य संजय सिंह ने नीतीश की दावेदारी को लेकर टीवी बहस के दौरान बार-बार इस बात को दोहराया कि 2024 का चुनाव मोदी बनाम केजरीवाल होने जा रहा है।
संजय सिंह ने एक टीवी डिबेट शो के दौरान कहा, ''जनता पार्टी और जनता दल के प्रयोग छोड़ दीजिए जो कई दलों का समूह था, इसके अलावा कांग्रेस, भाजपा और कम्युनिस्ट पार्टी को छोड़कर भारत की आजादी के बाद चौथी पार्टी है 'आप' जिसकी दो राज्यों में सरकार है। जो केजरीवाल फ्री बिजली, फ्री पानी, फ्री स्वास्थ्य, महिलाओं के लिए फ्री सफर, बुजुर्गों की तीर्थ यात्रा मुफ्त, जो इतना काम दिल्ली के लिए कर रहे हैं और पंजाब में वही काम भगवंत मान ने अपना लिए हैं। तो कौन सा कारण है कि राष्ट्रीय स्तर पर आम आदमी पार्टी का विस्तार नहीं हो सकता? कौन सा कारण है कि मोदी को अरविंद केजरीवाल को टक्कर नहीं दे सकते? 2024 का चुनाव मोदी बनाम केजरीवाल और भाजपा बनाम आम आदमी पार्टी होगा।''
'मेक इंडिया नंबर वन' कैंपेन शुरू करने जा रहे केजरीवाल
एक तरफ जहां नीतीश कुमार दूसरे राज्यों में जाकर क्षेत्रीय दलों को एकजुट करने के मिशन में जुटने की तैयारी में हैं तो दूसरी तरफ अरविंद केजरीवाल 7 सितंबर से 'मेक इंडिया नंबर वन' कैंपेन की शुरुआत करने जा रहे हैं। माना जा रहा है कि इस कैंपेन के जरिए वह पार्टी के राष्ट्रीय अभियान को धार देंगे। वह देश को नंबर वन बनाने के लिए अपना विजन और रोडमैप देश की जनता के सामने रखते हुए अपने लिए समर्थन जुटाएंगे। दिल्ली और पंजाब में सत्ता हासिल करने के बाद केजरीवाल गुजरात में भी पसीना बहा रहे हैं। राजनीतिक जानकारों की मानें तो यदि गुजरात में 'आप' का प्रदर्शन अच्छा रहा तो 2024 के लिए केजरीवाल की दावेदारी और मजबूत हो जाएगी। हाल ही में अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में अगले 2 साल में 9 राज्यों में विधानसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया गया है। पार्टी मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में भी संगठन को विस्तार देने में जुटी है। पार्टी रणनीतिकारों का मानना है कि आने वाले समय में यदि 1-2 राज्यों में और पार्टी अपनी उपस्थिति दर्ज कराती है तो केजरीवाल विपक्ष के सबसे मजबूत दावेदार बन सकते हैं।












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