पंजाब सरकार का बड़ा फैसला, NRI के लिए जल्द खुलेंगे फास्ट ट्रैक कोर्ट, कानूनी मसौदा होगा तैयार
दुनिया भर में बसने वाले प्रवासी पंजाबियों (Overseas Punjabis) की सभी जायज शिकायतों का निपटारा करने के लिए पंजाब सरकार (Punjab Government) ने फास्ट ट्रैक कोर्ट्स स्थापित करने की कार्रवाई प्रारंभ कर दी है।

चंडीगढ़ः दुनिया भर में बसने वाले प्रवासी पंजाबियों (Overseas Punjabis) की सभी जायज शिकायतों का निपटारा करने के लिए पंजाब सरकार (Punjab Government) ने फास्ट ट्रैक कोर्ट्स (Fast Track Courts) स्थापित करने की कार्रवाई प्रारंभ कर दी है। प्रवासी भारतीय मामलों संबंधी मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल इससे संबंधित कानूनी और अन्य रूपरेखा तैयार करने को लेकर जल्द ही पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट (Punjab and Haryana High Court) के चीफ जस्टिस (Chief Justice) से मुलाकात करेंगे।
पंजाब के कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने प्रवासी भारतीयों (NRI) को अपेक्षित कानूनी सहायता प्रदान करने के लिए कानूनी सलाहकार तैनात करने के निर्देश भी दिए है। उन्होंने संबंधित डिप्टी कमिश्नरों को इन 'मिलनी प्रोग्रामों' के दौरान आईं लगभग 50 फीसदी शिकायतों को प्रवासी भारतीयों के मामलों के लिए विशेष रूप से नियुक्त किए गए नोडल अफसरों द्वारा हल करने के आदेश भी दिए हैं।
प्रवासी भारतीयों के कल्याण के लिए पंजाब सरकार द्वारा हरेक कदम उठाने की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कुलदीप सिंह धालीवाल ने विभाग के अधिकारियों को संबंधित डिप्टी कमिश्नर, नोडल अफसरों, तहसीलदारों और स्टेशन हाउस ऑफिसर (थानाध्यक्षों), पटवारियों और थाना मुंशियों को अर्ध सरकारी (डी.ओ.) पत्र जारी करने के लिए भी कहा है जिससे पंजाबी प्रवासी भारतीयों के सभी मुद्दों को सुलझाने के लिए हर अपेक्षित मदद और लॉजिस्टिक सहायता प्रदान की जा सके। उन्होंने अधिकारियों को संबंधित एनआरआइज नोडल अफसरों के बारे में उनके संपर्क विवरणों के साथ जिलेवार जानकारी देने के लिए भी कहा है।
कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि विभिन्न स्तरों पर प्रवासी भारतीयों के मसलों के हल के लिए कानूनी विशेषज्ञों का पैनल भी गठित किया जाएगा। उन्होंने 'एनआरआईज़ मिलनी प्रोग्राम' के दौरान हल किए गए मामलों के बारे में अधिकारियों से रिपोर्ट भी तलब की है।
गौरतलब है कि करीब 55 लाख पंजाबी विदेशों में सेटल हैं। एनआरआईज की समस्याओं के समाधान के लिए 1990 में एनआरआई सभा की स्थापना की गई। इसके करीब 23,000 सदस्य हैं। इनकी समस्याओं को लेकर सरकार अब गंभीरता से काम कर रही है और उन्हें राज्य में निवेश के लिए भी आमंत्रित कर रही है।












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