पंजाब: चंद्रयान-3 की सेफ लैंडिंग, CM भगवंत मान ने दी बधाई
भारत ने आज चांद पर नया इतिहास रच लिया है। चंद्रयान-3 आज शाम 6.04 पर चांद पर सफलता पूर्वक लैंड कर लिया है। लैंडर 'विक्रम' व 'रोवर' प्रज्ञान से लैस एलएम चंद्रमा की दक्षिणी ध्रूव पर सॉफ्ट लैंडिंग कर ली है।
भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर साफ्ट लैंडिंग कराने वाला दुनिया का पहला देश तथा चांद की सतह पर साफ्ट लैंडिंग करने वाले चार देशों में शामिल हो गया है। लैंडिंग के साथ ही विक्रम अपना काम शुरू कर दिया है।

भारतीय समय अनुसार चंद्रयान 6.04 बजकर लैंडिंग हुई। इसके बाद भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रूव पर साफ्ट लैंडिंग करने वाला दुनिया का पहला देश तथा चांद की सतह पर साफ्ट लैंडिंग करने वाले 4 देशों में शामिल हो गया है।
चंद्रयान-3 ने चांद पर सफलता पूर्वक लैडिंग कर ली है। चांद पर भारत की सफल लैडिंग के पी.एम. मोदी गवाह बनें। इस दौरान बोलते हुए पी.एम. मोदी ने कहा कि यह क्षण भारत के लिए ऐतिहासिक है। यहां पर दुनिया कोई भी देश नहीं पहुंच सका है वहां पर भारत पहुंचा। भारत ने आज इतिहास रच दिया है। इस दौरान उन्होंने कहा कि अब तक कहा जाता है चंदा मामा दूर के है, एक दिन यह भी आएगा जब बच्चें कहेंगे चंदा मामा टूर के। पी.एम. मोदी ने कहा कि इस बात का प्रतीक है कि हार से सबक लेकर जीत कैसे हासिल की जाती है। उन्होंने देश के सभी लोगों व ISRO के वैज्ञानिकों को बधाई दी। पी.एम. मोदी ने इस कार्यक्रम से वर्चुअली जुड़े रहे और कहा कि चंद्रयान-3 की सफलता के बाद अब आदत्यि L-1 मिशन लॉन्च किया की करेगे।
दक्षिण पोल पर उतरा चंद्रयान-3, दक्षिण ध्रूव पर लैंडर विक्रम की लैडिंग हुई है।
भारत को बड़ी सफलता, चंद्रयान-3 की सेफ लैंडिंग हुई।
चंद्रयान-3 की चांद से ऊंचाई एक किलोमीटर की रह गई है।
लैंडर की ऊंचाई लगभग 3 किलोमीटर रह गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दक्षिण अफ्रीका से इस दौरान इस मिशन को देखने के लिए जुड़ गए हैं।
लैंडर मॉड्यूल अपने आधे सफर को पूरा करता हुए सफलता के और बढ़ रहा है। अब के आंकड़ों को देखते हुए कहा जा रहा है कि लैंडिंग नार्मल है। लैंडिंग 50 प्रतिशत तक अपनी यात्रा पूरी कर चुका है।
चंद्रयान-3 की लैंडिंग से पहले उसके सफर के बारे में बताते हुए ISRO ने अहम जानकारी देते हुए बताया कि लैंडर मॉड्यूल 21 बार धरती व 120 बार चंद्रमा का चक्कर लगा चुका है।
चंद्रयान-3 को चांद पर लैंडिंग के लिए कुछ समय ही बाकी रह गया है। इसको देशवासियों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। चंद्रयान की सफलतापूर्वक लैडिंक के लिए लोग मंदिरों में हवन यज्ञ करवा रहे हैं और अरदास कर रहे हैं।
चंद्रयान-3 अंतरिक्ष में 40 हजार किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चलने के बाद अब लैंडिंग कछुए की गति से भी कम स्पीड में करेगा ताकि किसी भी तरह की गलती की गुंजाइश न हो क्योंकि रूस का चंद्र मिशन लूना-25 (Luna-25) जो क्रैश हो चुका है
इस संबंधी में ISRO ने सोशल मीडिया मंच 'X' पर लिखा, ''ऑटोमैटिक लैंडिंग सीक्वेंस (ALS) शुरू करने के लिए पूरी तरह से तैयार। लैंडर मॉड्यूल (एलएम) के लगभग 17.44 बजे (भारतीय समयानुसार 5.44 बजे) निर्धारित बिंदु पर पहुंचने का इंतजार है।'' लैंडर 'विक्रम' और रोवर 'प्रज्ञान' से लैस एलएम बुधवार शाम 6.04 बजे चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग करेगा। यह एक ऐसी उपलब्धि है, जो अब तक किसी भी देश को हासिल नहीं हुई है।












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