पानी पंचायत अब ओडिशा के किसानों के कारण एक आंदोलन है: सीएम नवीन
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन्हें विभिन्न प्रमुख, मध्यम, लघु एवं सिंचाई परियोजना क्षेत्रों में लागू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पानी अमूल्य है। जलवायु परिवर्तन का पहला प्रभाव पानी और कृषि पर पड़ेगा।

भुवनेश्वर: लोक सेवा भवन के कन्वेंशन सेंटर में आयोजित राज्य स्तरीय पानी पंचायत 2023 के समापन समारोह में मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा कि पानी पंचायत अब ओडिशा के किसानों की भागीदारी, दृढ़ संकल्प और सहयोग के कारण एक आंदोलन बन गया है। इस कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में शामिल करते हुए मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा कि केवल 700 पानी पंचायतों से शुरू होकर आज राज्य में 37,000 पानी पंचायतें काम कर रही हैं। इसी तरह 3.32 लाख हेक्टेयर भूमि पर शुरू हुई यह पानी पंचायत अब 23.46 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा देने में सक्षम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन्हें विभिन्न प्रमुख, मध्यम, लघु एवं सिंचाई परियोजना क्षेत्रों में लागू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पानी अमूल्य है। जलवायु परिवर्तन का पहला प्रभाव पानी और कृषि पर पड़ेगा। इसलिए उन्होंने सभी का आह्वान किया कि पानी को बर्बाद न करें बल्कि इसका सदुपयोग करें और समान रूप से इसका वितरण करें। उन्होंने कहा कि "संरक्षण, पुन: उपयोग और पुनर्चक्रण" हमारा लक्ष्य होना चाहिए।
जल संसाधन विभाग की अपर मुख्य सचिव सुश्री अनु गर्ग ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि मेगा लिफ्ट सिंचाई परियोजनाओं में पानी पंचायतों की स्थापना के लिए पानी पंचायत अधिनियम में संशोधन के साथ-साथ 5-टी के माध्यम से कई सुधार के उपाय किए गए हैं। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री टुकुनी साहू, मुख्य सचिव सुरेश चंद्र महापात्र समेत जल संसाधन विभाग के आला अधिकारी मौजूद थे।












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