नीति आयोग की एसडीजी रैंकिंग में ओडिशा का स्थान 19वां, सरकार ने मूल्यांकन का किया आह्वान
कटक, फरवरी 11। नीति आयोग के द्वारा जारी की गई सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) रैंकिंग पर असंतोष व्यक्त करते हुए राज्य सरकार ने गुरुवार को राष्ट्रीय थिंक टैंक द्वारा मूल्यांकन प्रणाली को फिर से तैयार करने का आह्वान किया। भले ही इस रैंकिंग का समग्र स्कोर में सुधार हुआ है, लेकिन कुल रैंकिंग में गिरावट देखने को मिली है। 2019-20 में जो रैंकिंग 15 थी, वो 2020-21 में 19वीं रैंक तक पहुंच गई है।

आपको बता दें कि नीति आयोग की इस रैंकिंग में ओडिशा का स्थान नागालैंड और छत्तीसगढ़ के बाद 19वीं नंबर पर है। 16 एसडीजी से राज्यों के प्रदर्शन का आकलन किया गया। नीति आयोग की इस रैंकिंग पर मुख्य सचिव सुरेश महापात्रा ने कहा, "सभी राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं के जमीनी स्तर के विकास परिणामों को ध्यान में रखते हुए एसडीजी मूल्यांकन सूचकांक के पुनर्मूल्यांकन की आवश्यकता है।"
सुरेश महापात्रा ने यहां नीति आयोग के साथ एसडीजी पर एक परामर्शी कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि अंतिम लक्ष्य 2030 एजेंडा को अधिक समावेशी रूप से हासिल करना है न कि किसी एक या अन्य विशिष्ट योजना के परिणामों का आकलन करना। राज्य सरकार यह कहती रही है कि नीति आयोग का मूल्यांकन 16 लक्ष्यों से संबंधित मापदंडों के खिलाफ इनपुट के अनुसार नहीं है। मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार 2030 एजेंडा को प्राप्त करने के लिए मानव विकास सूचकांक (एचडीआई) से जुड़ी विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए प्रतिबद्ध है।












Click it and Unblock the Notifications