ओडिशा में गरीबी कितनी घटी? NITI आयोग की रिपोर्ट से शहरी और ग्रामीण इलाकों के हालात का पता लगा
NITI Aayog की एक नई रिपोर्ट से पता चला है कि ओडिशा में पिछले आधे दशक में गरीबी घटी है। बहुआयामी गरीबी में चौथी सबसे बड़ी गिरावट दर्ज करने वाले राज्य ओडिशा से बेहतर औसत केवल बिहार, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश का है।
हाल ही में जारी बहु-आयामी गरीबी सूचकांक (एमपीआई), 2023 में कहा गया है कि बहु-आयामी गरीबों का अनुपात 2015-16 में 29.34 प्रतिशत था जो गिरकर 2019-2021 में 15.68 प्रतिशत हो गया।

नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, ओडिशा उन पांच राज्यों में शामिल है, जिन्होंने इस अवधि के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में बहुआयामी गरीबों की संख्या में 32.64 प्रतिशत से 17.72 प्रतिशत तक की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की है।
नीति आयोग के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में गरीबी 12.32 प्रतिशत से गिरकर 5.42 प्रतिशत पर आ गयी। बहुआयामी गरीबी से बचने वाले लोगों की संख्या के मामले में यूपी (3.42 करोड़), बिहार (2.25 करोड़), एमपी (1.35 करोड़), राजस्थान (1.08 करोड़) और महाराष्ट्र (87.37 लाख) के बाद ओडिशा छठे स्थान पर है।
राज्य के 30 जिलों में से 16 में कमी राज्य के औसत 15.68 प्रतिशत से अधिक है। 3.29 प्रतिशत लोग गरीबी रेखा से नीचे हैं, पुरी में गरीबी दर सबसे कम है। जगतसिंहपुर में लगभग 3.53 प्रतिशत, खुर्दा में 3.95 प्रतिशत, कटक और गंजम में 6.31 प्रतिशत, नयागढ़ में 6.63 प्रतिशत और झारसुगुड़ा में 7.09 प्रतिशत लोग गरीबी रेखा से नीचे हैं।
14 जिलों में गरीबी दर राज्य के औसत से नीचे है। गरीबी रेखा से नीचे 45.01 प्रतिशत लोगों के साथ मलकानगिरी सबसे गरीब है, इसके बाद रायगडा, कोरापुट, नबरंगपुर, मयूरभंज, गजपति, क्योंझर, कंधमाल, नुआपाड़ा, कालाहांडी, भद्रक, देवगढ़, बौध और ढेंकनाल हैं।
रिपोर्ट में कहा गया कि एमपीआई का आकलन करने के लिए तीन व्यापक संकेतकों की जांच की गई। नागरिकों के स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर की समीक्षा की गई। स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे पीढ़ीगत संकेतकों में कमी इतनी अधिक नहीं रही है। पांच प्रमुख चीजों से वंचित गरीबों की संख्या भी घटी है। एक नजर-
- स्वच्छता 9.48 प्रतिशत से घटकर 7.56 प्रतिशत
- पेयजल 3.43 प्रतिशत से 2.78 प्रतिशत
- आवास 8.69 प्रतिशत से 8.26 प्रतिशत
- बिजली 3.12 प्रतिशत से 1.26 प्रतिशत
- बैंक खाते 2.27 प्रतिशत से 0.57 प्रतिशत।
खाद्य आपूर्ति और उपभोक्ता कल्याण मंत्री अतनु सब्यसाची नायक ने कहा कि राज्य ने स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था सहित कई महत्वपूर्ण संकेतकों में तेजी से प्रगति की है, जिससे गरीबी में भारी कमी आई है।












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