NHRC ने सुंदरगढ़ में नग्न मां-बेटी को सड़क पर घूमने वाली घटना पर मांगी रिपोर्ट, पूछा क्या की कार्रवाई
सुंदरगढ़ शहर की सबसे व्यस्त सड़कों पर बीते दिनों एक मां-बेटी नग्न अवस्था में घूमती हुई पाई गई थीं। इस संबंध में अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने संबंधित जिले के कलेक्टर और एसपी से चार सप्ताह में रिपेार्ट सौंपने का आदेश दिया है।

एनआएचआरसी ने ये रिपोर्ट तलब वकील और मानवाधिकार कार्यकर्ता राधाकांत त्रिपाठी द्वारा दायर किए गए केस में दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए तलब की है।
एडवोकेट राधाकांत त्रिपाठी ने एनएचआरसी को शिकायत दर्ज करवाई थी जिसमें बताया था कि 27 की बेटी और 47 साल की मां सुंदरबन की कॉलेज रोड पर गग्न अवस्था में घूमती पाई गई थी। ये मां बेटी सुंदरगढ़ शहर की सबसे व्यसत सड़क पर घूमती हुई मिली थी।
वकील ने बताया कि सुंदरगढ़ की भाजपा विधायक ने कुसुम टेटे ने उन्हें जानकारी दी थी कि वो मां-बेटी सुंदरगढ़के एक आस्था गृह में कुछ दिन रहीं, इसके बाद वहां कुछ बिताने के बाद उसी जगह पर लौट आई हैं।
सुंदरगढ़ की इस घटना के संबंध में वकील राधाकांत त्रिपाठी ने जो एनएचआरसी में अपनी याचिका दाखिल की है उसमें उन्होंने एनएचआरसी से मामले की जांच करने और मुआवजे और कल्याणकारी योजनाओं के लाभ के साथ उन मां-बेटी का पुनर्वास के लिए तत्काल उपाय करने की गुजारिश की है।
वकील की याचिका पर सुनवाई करते हुए एनएचआरसी ने इस मामले में तत्काल कार्यवाही की प्रति मुख्य सचित और डीजीपी और ओडिशा सरकार को जानकारी देने के लिए उक्त अधिकारियों द्वारा आयोग के निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए भेजी जाएगी।
इसके अलावा एनएचआरसी ने अपने आदेश में ये भी कहा है कि इस केस की शिकात की प्रति राज्य मानवाधिकार आयोग के सचिव को भी भेज जाए। रिपोर्ट सौंपने के लिए चार सप्ताह का समय दिया गया है।












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