ओडिशा में नई पहल, गणित की बेहतर समझ के लिए स्कूलों में बनाए गए कृत्रिम बाजार
कंधमाल कलेक्टर आशीष ईश्वर पाटिल ने कहा, हमने शिक्षा अंकुर पहल के तहत कृत्रिम बाजार की अवधारणा पेश की है। छात्रों ने सीखने के इस सहभागी और अनौपचारिक तरीके में अधिक रुचि दिखाई है।

ओडिशा के कंधमाल जिले में प्रशासन ने गणित के बारे में छात्रों के व्यावहारिक ज्ञान को बेहतर बनाने के लिए जिले के सभी उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कृत्रिम बाजारों का कॉन्सेप्ट शुरू किया है। फूलबनी प्रखंड के केंदूपदर स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में गुरुवार को ऐसी ही एक मंडी लगाई गई, जिसमें छात्र बिक्री के लिए फल, कपड़ा सामग्री, स्टेशनरी का सामान आदि लेकर आए।
जिला शिक्षा अधिकारी पीके सारंगी ने कहा, 'खरीदारों (जो छात्र भी हैं) ने विभिन्न संप्रदायों की कृत्रिम मुद्रा का भुगतान करके आइटम खरीदे। छात्रों ने इस अवधारणा से जोड़, घटाव, गुणा और भाग जैसे बुनियादी गणित सीखे। उन्होंने वजन और माप के माध्यम से विभिन्न वस्तुओं की इकाइयों जैसे संख्या, किलोग्राम, लीटर, मीटर, मिलीमीटर, सेंटीमीटर आदि को भी सीखा।'
कंधमाल कलेक्टर आशीष ईश्वर पाटिल ने कहा, 'हमने शिक्षा अंकुर पहल के तहत कृत्रिम बाजार की अवधारणा पेश की है। छात्रों ने सीखने के इस सहभागी और अनौपचारिक तरीके में अधिक रुचि दिखाई है।'
ये बाजार हर हफ्ते लगभग दो घंटे के लिए लगाया जाता है। पीके सारंगी ने ने कहा, 'शिक्षक छात्रों को उनके ज्ञान को बेहतर बनाने के लिए सब्जियों, उनके रंग और उनकी उपयोगिता जैसी वस्तुओं के बारे में शिक्षित करते हैं।'
वहीं, पाटिल ने कहा, 'हमने डॉक्टरों, इंजीनियरों, प्रोफेसरों, वकीलों और पुलिस के दौरे की भी व्यवस्था की है जो छात्रों के साथ सत्र आयोजित करेंगे ताकि वे अपने संबंधित पेशे के बारे में जान सकें।'












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