Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

नागार्जुन सागर बांध विवाद: तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के बीच तनाव बढ़ते ही तैनात की गई सीआरपीएफ

आंध्र प्रदेश द्वारा कृष्‍णा नदी पर नागार्जुन सागर बांध शुरू किए जाने पर तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के बीच तनाव बढ़ गया था। दोनों राज्‍यों के बीच को तनाव को कम करने के लिए नलगोंडा जिले के नागार्जुन सागर बांध पर केंद्रीय गृह मंत्रालय के हस्‍तक्षेप के बाद केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) शुक्रवार को तैनात कर दी गई है।

Nagarjuna Sagar Dam dispute

बता दें इस सप्‍ताह कृष्णा नदी पर बांध को लेकर दोनों राज्यों के बीच तनाव के बाद केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला ने शुक्रवार को तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के मुख्‍य सचिवों और पुलिस महानिदेशको के साथ वीडियो कान्‍फ्रेसिंग के जरिए बात की।

जिसमें दोनों राज्‍यों के केंद्रीय गृह सचिव के इस सुझाव पर राज़ी हुए कि बांध से पानी छोड़े जाने के मुद्दे पर क्या स्थिति बनेगी. 28 नवंबर से पहले मौजूद बांध को बहाल किया जाना चाहिए, बांध का नियंत्रण कृष्णा नदी जल प्रबंधन बोर्ड (केआरएमबी) को सौंपा जाना चाहिए, और बांध पर सीआरपीएफ तैनात किया जाना चाहिए।

तेलंगाना की मुख्य सचिव शांति कुमारी ने इस बैठक में जानकारी दी कि 29 नवंबर की रात्रि को 500 सशस्त्र आंध्र प्रदेश पुलिस के जवान बांध पर आए, सीसीटीवी कैमरे क्षतिग्रस्त कर दिए और हेड रेगुलेटर चलाकर 5,000 क्यूसेक पानी छोड़ दिया.

इसके साथ ही उन्‍होंने आरोप लगाया कि आंध्र प्रदेश पुलिस की इस कार्रवाई पर कानून व्‍यवस्‍था की समस्‍या उत्‍पन्‍न हो गई, जब तेलंगाना विधानसभा चुनाव के लिए हो रहे मतदान करवाने में पुलिस वाले व्‍वस्‍त थे। तेलेगाना की मुख्‍य सचिव ने आरोप लगाया कि ऐसा दूसरी बार आंध प्रदेश ने ऐसा किया है।

, केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने दोनों राज्यों के बीच मामले को सुलझाने के लिए शनिवार को बैठक की और जिसमें दोनों राज्‍यों के सचिवों से केआरएमबी के अध्यक्ष, केंद्रीय जल आयोग के अधिकारियों और सीआरपीएफ और सीआईएसएफ के महानिदेशकों को आमंत्रित किया। इस मामले से संबंधित आरोप में आंध्र प्रदेश पुलिस के खिलाफ दो मामले दर्ज किए थे।

बता दें आंध्र प्रदेश पुलिस भी आंध्र क्षेत्र के लिए पानी छोड़ कर नहर हेड रेगुलेटर को अनियमित रूप से संचालित किया। इसमें कहा गया है कि पानी बर्बाद हो रहा है और प्रचलित प्रणाली के खिलाफ है, जो कृष्णा नदी प्रबंधन बोर्ड (केआरएमबी) के मानदंड हैं।

इस बीच, केआरएमबी ने आंध्र प्रदेश को नहर से पानी लेना बंद करने का निर्देश दिया है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+