अमर शहीद हेमू कालाणी को CM मोहन यादव ने किया नमन, कहा- अमर शहीदों का पुण्य स्मरण करते रहें
Madhya Pradesh News: मुख्यमंत्री मोहन यादव रविवार 21 जनवरी को उज्जैन पहुंचे। यहां उन्होंने कहा कि हम शहीदों का स्मरण करेंगे, तभी हमें आजादी की कीमत पता चलेगी। हजारों-लाखों के बलिदान से यह बेशकीमती आजादी मिली है। इसलिए जिन्होंने आजादी दिलाई है, हम उन अमर शहीदों का पुण्य स्मरण करते रहें।
आजादी की लड़ाई में बलिदान होने वाले अमर शहीदों का स्मरण कराते रहें, इससे हमारी युवा पीढ़ी को भी एक नई दिशा मिलेगी। हेमू कालानी ने मात्र 19 साल की उम्र में आजादी के लिये हंसते-हंसते अपने प्राणों की आहुती दी। सीएम यादव ने कहा कि अमर शहीद हेमू कालानी की प्रतिमा पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया।

सीएम ने कहा कि शहीद हेमू कालानी ने अंग्रेजों से लड़ते हुए खुशी-खुशी फांसी स्वीकार की, पर अपने साथियों के नाम नहीं बताये। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी राज्य में कभी सूर्य अस्त नहीं होता, क्योंकि विश्व के अधिकांश देशों में उनका शासन था। ऐसे शक्तिशाली शासकों से लड़ने के लिए देश में दो उस समय विचारधारायें थीं।
उन्होंने कहा कि एक विचारधारा अहिंसा मार्ग पर चलने वाली महात्मा गांधी जी की थी, दूसरी चंद्रशेखर आजाद एवं भगत सिंह की क्रांतिकारी विचारधारा थी। नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने आजादी का नारा दिया था 'तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हे आजादी दूंगा'। उन्होंने कहा कि हम सब अमर शहीद हेमू कालानी का स्मरण कर रहे हैं।
सरकार की ओर से मैं शहीद हेमू कालानी को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। उन्होंने आयोजनकर्ताओं से कहा कि शहीद हेमू कालानी के जीवन पर केन्द्रित पुस्तक का प्रकाशन करें एवं फोटो प्रदर्शनी भी लगायें। कहा कि उज्जैन की बंगाली कॉलोनी से लेकर अन्य कॉलोनी के पट्टे एवं अन्य समस्याओं का निराकरण प्राथमिकता से किया जायेगा।
श्री रूप पमनानी ने कहा कि बीते 27 वर्षों से सिंधी समाज शहीद हेमू कालानी की जयन्ती एवं बलिदान दिवस मनाता आ रहा है। गत 16 वर्षों से मुख्यमंत्री डॉ. यादव कार्यक्रम में स्वयं शामिल होते रहे हैं। उन्होंने कहा कि बलिदानी किसी एक जाति, समाज या धर्म का नहीं होता, वह देश का होता है। समाज को शहीद हेमू कालानी के बलिदान पर बेहद गर्व है।












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