हरियाणा में कई लाख एकड़ फसल में बाढ़ से नुकसान, सरकार करेगी भरपाई: दुष्यंत चौटाला
हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि अब तक राज्य के करीब 13 जिले बाढ़ से प्रभावित हुए है। उन्होंने कहा कि बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ की टीमें राहत और बचाव कार्य में लगी हुई है।
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि जहां-जहां जानमाल का नुकसान हुआ है, उसका आंकलन किया जा रहा है और राज्य सरकार द्वारा बाढ़ पीड़ितों के नुकसान की भरपाई की जाएगी।

उपमुख्यमंत्री शनिवार को फरीदाबाद, पलवल और सोनीपत जिले में बाढ़ग्रस्त क्षेत्र का दौरा कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को बचाव कार्य तेज करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
फरीदाबाद के गांव मंझावली सहित बाढ़ग्रस्त कई गांवों का नाव से दौरा करने के बाद डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि यमुना बहाव बहुत तेज होने के कारण सात जिलों में बाढ़ आई है, हालांकि अब यमुना का जलस्तर कम हुआ है। वहीं घग्गर नदी का जलस्तर बढ़ने से सिरसा जिले में दो जगह, फतेहाबाद और चीका में भी बाढ़ के मामले सामने आए है।
उन्होंने कहा कि बाढ़ के कारण प्रभावित जिलों में लगभग ढाई लाख हेक्टेयर फसल को नुकसान पहुंचा है और सरकार नुकसान की भरपाई करेगी। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि 20 लोगों की बाढ़ के कारण जान गई है और पीड़ितों को चार लाख रुपए प्रति परिवार के हिसाब से मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पीड़ितों के पास खाने का सामान, पशुओं के लिए चारा आदि मुहैया करवाया जाएगा और इसके एनडीआरएफ की तीन टुकड़ियां फरीदाबाद में लगी हुई है।
उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने अपील करते हुए कहा कि सभी अपने आप को सुरक्षित रखें। उन्होंने कहा कि मौसम विभाग द्वारा अगले चार दिन पहाड़ी इलाकों में भारी बरसात का अलर्ट है, ऐसे में खुद की सुरक्षा बेहद जरूरी है। बाढ़ पर राजनीति करने वाले को जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि इस प्राकृतिक आपदा में सभी को साथ मिलकर लोगों की सुरक्षा के लिए कार्य करना चाहिए और यही हमारी जिम्मेदारी बनती है। उन्होंने बताया कि सरकार ने पहले से बाढ़ और सूखा के बचाव के लिए 300 करोड़ रूपए से बढ़ाकर 1100 करोड़ रूपए का प्रावधान किया था। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि विपक्ष द्वारा सरकार पर तैयारी ना करने का आरोप लगाना, केवल राजनीतिक एजेंडा है। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि यह समय राजनीति करने का नहीं है।
पलवल जिले के गांव मोहना में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने के बाद डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि बाढ़ के कारण फरीदाबाद और पलवल जिले के लगभग 16 गांव ऐसे है, जिनकी अब कनेक्टिविटी उत्तरप्रदेश के इलाकों से ही बची है और उनकी सहायता के लिए यूपी सरकार से हमारी चर्चा चल रही है। वहीं पांच गांव टापू के रूप में हो गए है। उन्होंने कहा कि पलवल में बाढ़ पीड़ितों की राहत के लिए एनडीआरएफ की दो टुकड़ियां आ चुकी है और एक टुकड़ी जल्द आ जाएगी।
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि जो लोग गांव छोड़कर सुरक्षित स्थान पर जाना चाहते है, उन्हें रेस्क्यू किया जाएगा तथा जो लोग अपने घरों में रहना चाहता है, उनके लिए प्रशासन राशन की व्यवस्था करेगा। उन्होंने कहा कि लोगों को सुरक्षित निकालना हमारा पहला काम है। ऐसे में सरकारी स्कूलों, सामुदायिक केंद्रों को राहत कैंप बना दिया गया है और वहां पर खाने और रहने की व्यवस्था कर दी गई है। उन्होंने कहा कि सरकार एयर फोर्स की सहयता से भी पलवल-फरीदाबाद में बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में राशन, पानी पहुंचाने के लिए योजना बना रही है।
इसके उपरांत डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला सोनीपत जिले के गांव जाजल और जाजल टोंकी में बाढ़ पीड़ितों से मिले और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। ग्रामीणों द्वारा पशुओं के लिए चारे की मांग पर दुष्यंत चौटाला ने कहा कि जल्द ही यह व्यवस्था कर दी जाएगी।












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