झारखंड मानसून सत्र: CM सोरेन ने साधा विपक्ष पर निशाना, कहा- इनकी बात समझ में नहीं आती, बेवजह करते हैं हंगामा
रांचीः मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने शुक्रवार को झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के समापन के मौके पर बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। सीएम ने अपने समापन भाषण में कहा कि मणिपुर में आदिवासी समाज का उत्पीड़न हो रहा है और वहां की सरकार मूकदर्शक बन तमाशा देख रही है। हेमंत सोरेन ने कहा कि वन संरक्षण नियमावली में पिछले वर्ष ग्राम सभा के अधिकार को छीन लिया गया। फिर लोकसभा के चल रहे मानसून सत्र में वन संरक्षण कानून में केंद्र सरकार ने ऐसे संशोधन कर दिए हैं कि भविष्य में आदिवासियों से उनका जंगल ही छीन लिया जाएगा।
हेमंत सोरेन ने कहा कि उन्होंने न तो पिछले साल के संशोधित नियमावली को झारखंड में लागू होने दिया और न ही अभी केंद्र सरकार के मंसूबे को सफल होने देंगे। उन्होंने कहा कि कानून में किए गए बदलाव से आदिवासियों को उनके जंगल से बेदखल करने की केंद्र सरकार के मंसूबे को सफल नहीं होने देंगे।

सीएम ने कहा कि बहुत जल्द राज्य सरकार विस्थापन आयोग, एससी और एसटी आयोग का भी गठन करने जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुखाड़ के मद में राज्य को केंद्र सरकार की ओर से 9000 करोड़ रुपए देना था, लेकिन केंद्र सरकार ने राज्य को मात्र 500 करोड़ ही दिए। उन्होंने ने कहा कि झारखंड में 8 लाख वंचित पात्र लाभुकों के लिए पीएम आवास स्वीकृत करने का बार-बार मांग कर रहे हैं। परंतु केंद्र सरकार के कानों पर जूं नहीं रेंग रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब विधानसभा की ओर से 1932 के खतियान वाली स्थानीयता और पिछड़ों को 27 प्रतिशत आरक्षण वाले विधेयक को पारित कराकर भेजा जाता है, तो उसको राज्यपाल के यहां लटका दिया जाता है। हेमंत सोरेन ने कहा कि उन्हें पक्का यकीन है कि संविधान के आर्टिकल 200 के अंतर्गत राज्यपाल की ओर से संदेश विधानसभा को नहीं भेजना इसी साजिश का हिस्सा है, जिससे कि वे लोग ये दोनों विधेयक फिर से विधानसभा से पारित करके राज्यपाल को नहीं भेज पाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पेपर लीक न हो सरकर इसके लिए कानून लाए। गुजरात, उत्तराखंड जैसे राज्यों में जब इस प्रकार का कानून पहले से ही लागू है तो राज्य सरकार इसे छात्र हित में जब लागू कर रही है, तो फिर यहां के विपक्ष को पेट में दर्द क्यों हो रहा है।
हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार हजारों पदों पर नियुक्ति कर चुकी हैं। वहीं वे 40 से 50 हजार पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ा चुके हैं। हेमन्त सोरेन ने कहा कि सरकार अपराध पर पूर्ण नियंत्रण के लिए पूरी तरह से कटिबद्ध है। डीजीपी एवं पुलिस के बड़े अधिकारियों को हमने साफ कह रखा है कि अपराध पर किसी भी हालत में लगाम लगाएं, इसमें आप को खुली छूट है एवं किसी का पैरवी भी आपको नहीं सुनना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मणिपुर में हजारों घर जला दिए गए सैकड़ों लोगों की हत्या कर दी गई है परंतु, सरकार नाम मात्र के लिए एफआईआर दर्ज की है वह भी माननीय सर्वाेच्च न्यायालय से फटकार लगने के बाद।












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