गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा बोले: वे इन गांव से 70 साल से जीत रहे, लेकिन सात काम नहीं गिना सकते
गृहमंत्री ने गांव में 15 लाख रुपए की लागत से स्वीमिंग पूल बनाने की घोषणा की। कहा कि, नदी किनारे इस गांव में रहने वाला हर शख्स तैरना सीख सकेगा।

रविवार को जिले की तीनों विधानसभाओं में एक साथ विकास यात्रा प्रारंभ हुई। दतिया विधानसभा में विकास यात्रा की शुरुआत ग्राम धौर्रा से हुई। यहां विकास यात्रा में गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा शामिल हुए। उन्होंने नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस के नेताओं पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने नाम लिए बगैर कहा- वे (कांग्रेस नेता) इन गांव से 70 साल से जीत रहे हैं। लेकिन सात काम नहीं गिना सकते जो उन्होंने खुद कराए हों। सिर्फ चुनाव के समय आते हैं और हमें गालियां देकर वोट मांगते हैं।
विकास यात्रा कोटरा में में पहुंची। यहां गृहमंत्री ने लाखों रुपए के विकास कार्य की घोषणा की। इसके बाद यात्रा का तीसरा और अंतिम पड़ाव बड़ौनकलां में पहुंचा। भाजपा जिला उपाध्यक्ष कालीचरण कुशवाह ने कहा कि गृहमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए पसीना बहाया है। लेकिन बड़ौनकलां पोलिंग से हार ही मिलती है। इसके बाद गृहमंत्री डॉ. मिश्रा खड़े हुए। उन्होंने कहा कि, मैं 14 साल पहले आया था, तब हैंडपंप से पानी भरना मुश्किल था। आज गांव में नलजल योजना स्वीकृत की है।
बिसलेरी के पानी से भैंसे सपरा रहे हैं। आज डीपी खराब होती है तो बिजली विभाग के अधिकारियों को फोन नहीं करते, कहते हैं हाइवे पर चलो हैं से पकड़ लेंगे। उन्होंने पूर्व विधायक राजेंद्र भारती और उनके पिता का नाम लिए बिना उन पर जमकर निशाना साधा। कहा, 70 साल से जीत रहा है यहां से। हाथी से, घड़ी से, साइकिल से पंजा से। 7 काम तो गिनाएं। वे 35 साल विधायक रहे। 25 साल उनके पिताजी और 10 साल वे खुद और 70 साल से खुद यह पाेलिंग जीतते रहे हैं। 15 महीने की सरकार भी तो रही उनकी तब आए क्या कोई शिलान्यास करने के लिए। अब फिर चुनाव आ गए। अब फिर आएगो।
तेरईं में भागवत में, लेकिन आएंगे खाने के लिए। दतिया में विकास यात्रा का रथ भी दौड़ रहा था। यह विकास यात्रा का रथ काफिले के पीछे चल रहा था। काफिले के पीछे यह रथ धौर्रा, कोटरा, बड़ौनकलां गया। धूल उड़ती दिखी। यह रथ विकास की सही तस्वीर बता रहा था।
गृहमंत्री ने गांव में 15 लाख रुपए की लागत से स्वीमिंग पूल बनाने की घोषणा की। कहा कि, नदी किनारे इस गांव में रहने वाला हर शख्स तैरना सीख सकेगा। बड़ोनकला में आयुर्वेदिक अस्पताल, सिंध नदी पर घाट, मवेशियों के लिए पानी की टंकी, नाडेप सहित गांव में पक्की सड़कों व अन्य कार्यों के लिए करीब 1 करोड़ 34 लाख 44 हजार रुपए के विकास कार्यों की घोषणा की।
यह काम दो से तीन साल में पूरे होंगे। उन्होंने धौर्रा में नहर की पुलिया से एप्रोच रोड, शांति धाम निर्माण सह पहुंच मार्ग, नवीन नलजल योजना निर्माण पर 49 लाख 50 हजार रुपए और 63 लाख 24 हजार से अन्य निर्माण कार्य कराए जाने की घोषणा की।
भांडेर विधानसभा में जिस गांव से विकास यात्रा की शुरुआत वहां एक साल से अंधेरा
भांडेर विधायक रक्षा सिरोनिया ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। इसके बाद वे जब जाने लगीं तो गांव के लोगों ने पीएम आवास, शौचालय की राशि न मिलने की शिकायत की। पेंशन संबंधी भी शिकायतें कीं। गांव के घनश्याम पाल ने बताया कि उन्हें सीएम सम्मान निधि की राशि नहीं मिल रही है।
शौचालय के लिए आवेदन दिए लेकिन राशि नहीं आई। संतोष पटवा ने पीएम राशि न मिलने का आरोप लगाया। 65 वर्षीय दयाराम अहिरवार ने कहा कि उनके पास अंत्योदय कार्ड है लेकिन पेंशन चालू नहीं हुई। गांव के विजयराम दोहरे ने बताया कि गांव में एक साल से बिजली नहीं है। ट्रांसफार्मर फुंके पड़े हैं।
भांडेर में संतराम बोले- हमने भांडेर में नहर बनवाकर धान का रकबा बढ़वाया...
विधायक रक्षा सरोनिया ठीक 11.15 बजे इकारा पहुंचीं। यहां पहले स्वागत सत्कार का दौर चला। फिर विधायक प्रतिनिधि डॉ. संतराम ने कहा- हमने 1500 करोड़ के विकास कार्य कराए। यहां हम विकास यात्रा में लमान माता मंदिर तक बनकर तैयार हुई सीसी रोड का लोकार्पण और 41.81 लाख की लागत से बनने वाले स्वास्थ्य केंद्र का भूमिपूजन कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिवराज सिंह चौहान हर वर्ग के लिए योजनाएं चला रहे हैं।
फिर हमें विकास यात्रा की जरूरत क्यों पड़ी? क्योंकि लोक सेवक और आमजन के बीच आक्रोश पनप रहा है। इतना काम कराने के बाद भी लोग नाराज हैं। इसलिए इस विकास यात्रा की जरूरत पड़ी। लोक सेवक ऐसा काम करें कि आम जनता परेशान न हो। आपने 2018 में हमें जिताया। 2020 में हम वेंटीलेटर पर आ गए। हमने भांडेर में नहर बनवाकर धान का रकबा बढ़वाया।
पिछले तीन साल में 14 सब स्टेशन बनकर तैयार कराए। हमारी लाड़ली बहन को एक हजार रुपए महीना हमारी सरकार देगी। मैंने भांडेर नगर परिषद को 40 करोड़ के काम दिए, लेकिन वे काम नहीं करवा पा रहे हैं वह अलग बात है।
पांच घंटे का कार्यक्रम एक घंटे में सिमटा: इकारा गांव में 11.15 बजे कार्यक्रम शुरू हुआ और 11.57 बजे विधायक वहां से निकलते ही महज 15 मिनट में कुर्सी, टेबिल, बैनर समेटकर शिविर खत्म हो गया। खुद पंचायत सचिव लक्ष्मण सिंह विश्वकर्मा ने खुद बैनर, पोस्टर और कुर्सियां उठाकर माध्यमिक विद्यालय के भवन में रखवा दीं।
सरपंच हिमांशु गुर्जर ने टोका तो सचिव ने कहा कि उन्हें दूसरी जगह जाना है। जबकि जिला प्रशासन द्वारा बनाई गई गाइड लाइन के अनुसार विकास यात्रा के तहत आयोजित शिविर सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक चलने थे। पहले दिन ही विकास यात्रा से पंचायत कर्मचारियों का मोह भंग दिखा।
यहां... जगतजननी के दर्शन से शुरू हुई विकास यात्रा: भांडेर विधानसभा की विकास यात्रा की शुरुआत ग्राम इकारा से हुई। ठीक 10.27 बजे भांडेर विधायक रक्षा संतराम सिरोनिया खैरी माता मंदिर पर पहुंचीं। यहां संतराम ने सीढ़ियां चढ़कर ऊपर पहुंचकर मां खैरी के दर्शन किए तो वहीं विधायक श्रीमती सिरोनिया ने सीढ़ियों के नीचे ही दर्शन किए। फिर विधायक इकारा के लिए रवाना हुईं। इकारा रोड पर एक परिवार के बीच पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त की फिर यहां से रवाना होकर कार्यक्रम स्थल इकारा पहुंचीं।












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