हरियाणा सरकार का पेंशन को लेकर बड़ा फैसला, पेंशन कटने से पहले मोबाइल पर आएगा मैसेज
चंड़ीगढ़। हरियाणा सरकार ने पेंशन को लेकर हो रहे विरोध को खत्म करने के लिए बड़ा फैसला किया है। सरकार ने नई व्यवस्था की शुरुआत करते हुए विपक्षी दलों के उस मौके को खत्म कर दिया, जिसमें वो सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे थे। नई व्यवस्था के तहत अब पेंशन को लेकर अहम बदलाव करने जा रही है। पेंशन काटने से पहले सरकार की ओर से लाभार्थी के फोन पर SMS भेजा जाएगा।

रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया मृत्यु-जन्म के डाटा का फील्ड में भेजकर स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा। हरियाणा सरकार की ओर से इसके लिए सभी जिलों के समाज कल्याण अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। साथ ही संबंधित गांव के नंबरदार, तहसीलदार या अन्य सक्षम अधिकारी की तस्दीक के बाद ही विभाग पेंशन रोकने की प्रक्रिया शुरू करेगा।
इससे पहले, समाज कल्याण विभाग रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया मृत्यु एवं जन्म के आए डाटा के आधार पर ही पेंशन रोक देता था। जिससे इस बार बहुत बड़ी गड़बड़ी हो गई। जिंदा लोगों को भी मृत दिखाकर विभाग ने पेंशन रोक डाली और मृतकों को जिंदा दिखाकर उनकी विधवा महिलाओं की पेंशन बंद कर दी। पूरे प्रदेश में हो रहे विरोध के बाद अब विभाग अपनी कार्यप्रणाली बदलने जा रहा है। रोजाना मैराथन बैठकें कर सिस्टम की खामियों को दुरुस्त किया जा रहा है।
समाज कल्याण विभाग के एक उच्च अधिकारी ने पु्ष्टि करते हुए बताया कि भविष्य में पेंशन रोकने से पहले जीवित और मृतकों का डाटा पूरी तरह से जांचा परखा जाएगा। इतना ही नहीं लाभार्थियों को मोबाइल पर संदेश भेजकर सूचना भी दी कि उनकी पेंशन इस कारण से रोकी जा रही है, अगर उनको कोई आपत्ति है तो वह संबंधित जिला समाज कल्याण अधिकारी के पास आपत्ति जता सकता है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, हरियाणा में जिंदा और मृत के विवाद के चलते करीब 1800 बुजुर्गों की पेंशन रोकी गई है। यह पेंशन रजिस्ट्रार जनरल आफ इंडिया मृत्यु एवं जन्म से आए डाटा के आधार पर रोकी गई है। इस रिकार्ड में इतने लोगों को मृत दिखाया गया है। हरियाणा में समाज कल्याण विभाग की ओर से कुल 28 लाख लोगों को पेंशन दी जा रही है। इनमें 17 लाख बुढ़ापा पेंशन के लोग शामिल हैं।












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