हरियाणा: CM खट्टर बोले, गांवों के विकास के बिना प्रदेश-देश के विकास की कल्पना नहीं की जा सकती
सूरजकुंड में आयोजित क्षेत्रीय पंचायती राज परिषद के दो दिवसीय प्रशिक्षण सम्मेलन के शुभारंभ कार्यक्रम में सोमवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि राष्ट्र की आत्मा गांवों में बसती है। हमारी अर्थव्यवस्था अब भी खेती पर ज्यादा निर्भर है, इसलिए गांवों के चहुंमुखी विकास के बिना प्रदेश और देश के विकास की कल्पना नहीं की जा सकती।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया। इसके अलावा मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने सम्मेलन को संबोधित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम यहां एक ऐसे विषय पर विचार करने के लिए एकत्रित हुए हैं, जो देश के लोकतंत्र का मूल आधार है और देश के आखिरी व्यक्ति के हितों से संबंध रखता है। आजादी के 75 साल बाद भी गांवों का विकास प्राथमिक आवश्यकता है। नौ सालों में हरियाणा में गांवों के विकास के लिए अनेक योजनाएं चलाई और उनको अमलीजामा पहनाने के स्तर पर भी अनेक प्रयोग किए। पंचायतें हमारी राष्ट्रीय एकता, अखंडता, सुशासन और लोकतंत्र का रक्षा कवच हैं। पंचायतों की न्यायप्रियता के कारण 'पंच-परमेश्वर' की धारणा बनी थी।
ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद तीनों स्तर देश की प्रजातंत्र व्यवस्था के मूल आधार हैं। इसी प्रकार नगर पालिका व नगर परिषद जैसे स्थानीय निकाय भी देश के शहरी क्षेत्रों के समग्र विकास में सराहनीय प्रयास कर रहे हैं। पीएम मोदी के मार्गदर्शन में पंचायती राज संस्थाएं न केवल मजबूत हुई हैं, बल्कि और अधिक शक्तियां मिलने से सशक्त बनी हैं। उन्होंने कहा कि आज हरियाणा में पढ़ी-लिखी पंचायतें कारगर भूमिका में हैं।
ग्रामीण आंचल के गतिशील विकास के लिए पंचायती राज संस्थाओं का सशक्तीकरण किया गया। सरकार ने पंचायती राज संस्थाओं को बड़ी प्रशासनिक और वित्तीय शक्तियां दी हैं। पंचायती राज संस्थानों को 10 प्रमुख विभागों का काम सौंपा हुआ है। विकास कार्यों के लिए ग्रांट की राशि सीधे ही पंचायतों के खातों में जमा करवाई जाती है। विकास कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए ई-टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है। पांच लाख रुपये तक के कार्य करवाने की शक्ति सीधे ही सरपंच को दी है।
गांवों के विकास की शक्तियां सीधे ही पंचायती राज संस्थाओं को देने के लिए जिला परिषद के अध्यक्ष को डीआरडीए का चेयरमैन बनाया है। अंतर-जिला परिषद का गठन करने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य है। प्रदेश सरकार ने पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देने का कार्य किया है। पंचायती राज संस्थाओं की वित्तीय स्थिति मजबूत करने के लिए ग्रामीण क्षेत्र में संपत्ति के मूल्य के दो प्रतिशत के बराबर स्टांप शुल्क का अधिभार लगाया गया है। मुख्यमंत्री ने विकास ओर योजनाओं से जुड़ी प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।












Click it and Unblock the Notifications