गहलोत सरकार ने लिया किसान हित में फैसला, लाएगी फार्मर्स डेबिट रिलीफ एक्ट

बजट 2023-24 में सीएम अशोक गहलोत ने कृषि बजट में फार्मर्स डेबिट रिलीफ एक्ट बिल लाने की घोषणा की थी।

Gehlot government

राजस्थान सरकार ने किसानों के हित में एक बड़ा फैसला लिया है. बैंकों का लोन नहीं चुका पाने वाले किसानों की जमीन अब नीलाम नहीं की जाएगी. राजस्थान सरकार जल्द ही फार्मर्स डेबिट रिलीफ एक्ट ला रही है. बिल के लाने के लिए उच्च न्यायालय के पूर्व जज को डेट रिलीफ कमीशन का अध्यक्ष नियुक्त किया जाना प्रस्तावित है।

3 सालों में 32 किसानों की जमीन हुई थी नीलाम

सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार बीते तीन वर्षों में कर्जा नहीं चुकाने के कारण 32 किसानों की जमीन नीलाम हुईं हैं. इसमें 31 राजस्व विभाग और सहकारिता विभाग से संबंधित है. इससे पहले 5 एकड़ तक की कृषि भूमि को कुर्की एवं नीलामी से बचाने के लिए राज्य सरकार ने सिविल प्रक्रिया संहिता (राजस्थान संशोधन) विधेयक साल 2020 में पारित कराया था. 27 जनवरी 2022 को राज्यपाल ने इसपर हस्ताक्षर कर दिया था. अभी ये राष्ट्रपति स्तर पर अनुमति के लिए प्रस्तावित है> बिल लाने के लिए उच्च न्यायालय के पूर्व जज को डेट रिलीफ कमीशन का अध्यक्ष नियुक्त किया जाना है. उन्होंने कहा कि कुर्की से संबंधित नियमों में संशोधन करके इस प्रकार के ठोस नियम बनें, जिससे कि किसानों की जमीन की कुर्की न हो।

प्रमुख शासन सचिव सहकारिता श्रेया गुहा ने बताया कि इसके तहत ऋण राहत आयोग का गठन किया जाएगा. किसानों की जमीन की नीलामी रोकने के लिए 'राजस्थान किसान ऋण राहत कानून' बनाया जाएगा. उन्होंने कहा कि इस कानून के तहत ऋण राहत आयोग का गठन किया जाएगा, जिसके विधेयक का मसौदा तैयार किया जा रहा है. गुहा ने मंगलवार को शासन सचिवालय में बजट घोषणा 2023-24 के क्रियान्वयन के संबंध में आयोजित विभागीय बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रस्तावित विधेयक का मसौदा एक माह के भीतर तैयार किया जाए. उन्होंने इस संबंध में रजिस्ट्रार सहकारिता को तत्काल समिति बनाने के निर्देश दिए.

किसानों को दिए जाएंगे 22 हजार करोड़ के कर्ज

उन्होंने एक बयान में कहा कि वर्ष 2023-24 में राज्य के किसानों को 22 हजार करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त फसली ऋण वितरित किया जाना है. इस संबंध में उन्होंने प्रबंध निदेशक अपेक्स बैंक को शीघ्र ही कार्ययोजना भेजने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में गैर कृषि क्षेत्र जैसे कि हस्तशिल्प, लघु उद्योग, कताई-बुनाई, रंगाई-छपाई और दुकान से जुड़े डेढ़ लाख परिवारों को सहकारी बैंकों के माध्यम से 3000 करोड़ रुपये के ब्याज मुक्त ऋण वितरित किए जाएंगे।

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