हरियाणा से सटे राजस्थान के जिलों में नेताओं का जमावड़ा, उम्मीदवारों को जीताने के लिए कर रहे धुआंधार प्रचार
राजस्थान में विधानसभा चुनावों का बिगुल बज चुका है। 25 नवंबर को राजस्थान में मतदान होगा। राजस्थान से सटा राज्य हरियाणा है। हरियाणा के कई नेता राजस्थान में डेरा डाले हुए हैं। बीजेपी और कांग्रेस के हरियाणा के कई नेता अपनी पार्टी उम्मीदवारों को जीताने के लिए प्रचार कर रहे हैं।
राजस्थान विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद हरियाणा में चुनाव की तैयारी शुरू हो जाएगी। अगले साल हरियाणा में चुनाव होने वाला है। इससे पहले हरियाणा से सटे राजस्थान के जिलों में जमकर चुनाव प्रचार कर रहे हैं।

भाजपा और कांग्रेस के हरियाणा के कई नेता राजस्थान में प्रचार में जुट गए हैं। कई नेता बहुत पहले से ही पड़ोसी राज्य राजस्थान में डेरा डाले हुए हैं। दोनों पार्टियां आगे के कठिन मुकाबले के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर रही हैं।
राजस्थान के सात जिले- हनुमानगढ़, झुंझुनू, चुरू, सीकर, जयपुर, अलवर और भरतपुर, हरियाणा से सटे हैं। सूत्रों ने कहा कि 62 निर्वाचन क्षेत्रों में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हरियाणा कांग्रेस के दिग्गज नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा से संपर्क किया है और पूर्व सीएम पार्टी की चुनावी रणनीति के तहत प्रचार करने के लिए राजस्थान का दौरा करेंगे।
कांग्रेस की हरियाणा की पूर्व मंत्री किरण चौधरी पहले से ही राजस्थान में डेरा डाले हुए हैं। राजस्थान की सीमा से लगे हरियाणा के भिवानी जिले से मौजूदा विधायक को तीन अन्य लोगों के साथ राजस्थान चुनाव के लिए कांग्रेस समन्वयक नियुक्त किया गया था। सूत्रों ने कहा कि किरण चौधरी, जो कि हुडडा के विरोधी माने जाते हैं, ने पार्टी आलाकमान के लिए एक रिपोर्ट तैयार करने के लिए कम से कम 60 निर्वाचन क्षेत्रों में संभावित उम्मीदवारों के साथ बातचीत की है, जो उम्मीदवारों पर अंतिम फैसला लेगा।
कांग्रेस के आंतरिक संचार प्रभारी और हरियाणा निवासी सचिव विनीत पुनिया ने कहा कि पार्टी नियमित रूप से चुनावों के दौरान कार्यकर्ताओं को दूसरे राज्यों में भेजती है। हरियाणा में कांग्रेस के पक्ष में लहर का दावा करते हुए पुनिया ने कहा कि राजस्थान में पार्टी की सत्ता में वापसी का पूरे देश में प्रभाव पड़ेगा क्योंकि आम तौर पर हर पांच साल में सत्ता परिवर्तन होता है।












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