हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में विकसित फसलों की उन्नत किस्मों और तकनीकों से किसानों को मिलेगा लाभ, बढ़ेगी आमदनी

चंडीगढ़, 1 जून। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार द्वारा विकसित गेंहू,सरसों व जई की उन्नत किस्मों का अब देश के अन्य प्रदेशों के किसानों को भी लाभ मिल सकेगा। विश्वविद्यालय ने पीपीपी के तहत तकनीकी व्यवसायीकरण को बढ़ावा देते हुए निजी क्षेत्र की प्रमुख बीज कंपनी से समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।

Farmers will be benefitted by seeds developed in Haryana agricultural university

इस तरह के समझौतों पर हस्ताक्षर कर विश्वविद्यालय का प्रयास है कि यहां विकसित फसलों की उन्नत किस्मों व तकनीकों को अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाया जा सके। इससे फसलों की अधिक पैदावार से जहां किसानों की आमदनी बढ़ेगी वहां राज्य व देश की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।

पिछले एक साल में विभिन्न प्राइवेट कंपनियों के साथ इस प्रकार के दस एमओयू किए जा चुके हैं। उपरोक्त समझौते के तहत कंपनी विश्वविद्यालय द्वारा विकसित गेंहू की डब्लयूएच 1270, सरसों की आरएच 725 व जई की ओएस 405 किस्मों का बीज तैयार कर किसानों तक पहुंचाएगी।

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