गेहूं खरीद के क्वालिटी नियमों में छूट के लिए डिप्टी CM दुष्ंयत चौटाला ने केंद्र को लिखा पत्र
उपभोक्ता मामले और खाद्य एवं जन वितरण मंत्री पीयूष गोयल को लिखे अपने पत्र में दुष्यंत चौटाला ने कहा है कि कटाई से ठीक पहले राज्य के कई हिस्सों में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने खेतों में खड़ी फसलों को चौपट कर दिया है

हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने केंद्र सरकार से रबी विपणन मौसम 2023-24 के दौरान खरीदे जा रहे गेहूं के गुणवत्ता मानकों में ढील देने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू हो गई है। उपभोक्ता मामले और खाद्य एवं जन वितरण मंत्री पीयूष गोयल को बुधवार को लिखे अपने पत्र में चौटाला ने कहा है कि कटाई से ठीक पहले राज्य के कई हिस्सों में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने खेतों में खड़ी फसलों को चौपट कर दिया है।
उन्होंने कहा कि मार्च में हुई भारी बारिश के कारण गेहूं की फसल को हुए नुकसान के संबंध में प्रमुख खरीद वाले जिलों कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, फतेहाबाद, सिरसा, जींद और यमुनानगर से रिपोर्ट एकत्र की गई है। चौटाला ने एक बयान में कहा कि लगातार बारिश और ओलावृष्टि से अनाज के उत्पादन और गुणवत्ता पर असर पड़ा है।
इससे पहले करनाल में उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि प्रदेश सरकार ने व्यवस्थाओं को बदलने का का भी काम किया है। पहले किसान फर्द लेने के लिए पटवारियों व अधिकारियों के पास चक्कर लगाने को मजबूर हुआ करते थे। लेकिन आज सरकार ने जमाबंदी का सॉफ्टवेयर तैयार किया है। इस पोर्टल पर जाकर किसान सीधे अपनी फर्द निकाल सकते हैं।
उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि हाल ही में बेमौसमी बरसात के कारण किसानों की फसल का जो नुकसान हुआ है। उसकी भरपाई के लिए क्षतिपूर्ति पोर्टल बनाया गया है। किसानों को प्रति एकड़ क्रमश: 25 प्रतिशत फसल खराबे पर 9 हजार रुपये, 50 प्रतिशत फसल खराबे पर 12 हजार रुपये तथा 75 प्रतिशत फसल खराबे पर 15 हजार रुपये मुआवजा राशि के तौर पर किसानों के खाते में सीधे डाला जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों की फसल की तुलाई के 48 घंटे के अंदर पैसा उनके खाते में डल जाएगा।












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