ओडिशा: रेंगाली बांध परियोजना से विस्थापित लोगों को मिले मुआवजा, धर्मेंद्र प्रधान ने उठाई मांग
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ओडिशा सरकार से मांग की है, कि रेंगाली नदी बांध परियोजना से विस्थापित लोगों को मुआवजा और स्थायी भूमि पट्टा दिया जाए।
मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को लिखे पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पूर्व में घोषित मुआवजा राशि का भुगतान विस्थापित लोगों को जल्द से जल्द किया जाना चाहिए। धर्मेंद्र प्रधान ने सीएम से उनके गांवों को राजस्व गांव का दर्जा देने का भी आग्रह किया।

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि 1980 में ब्राह्मणी नदी पर बनी रेंगाली बांध परियोजना ओडिशा की दूसरी सबसे बड़ी नदी तटबंध परियोजना है। हालांकि, इस परियोजना ने सिंचाई और बिजली उत्पादन को मजबूत किया है, लेकिन इसने स्थानीय लोगों की तकलीफ भी बढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि चार दशकों के बाद भी विस्थापित लोगों की दुर्दशा ऐसी है कि देखकर हमें परेशानी होती है।
गौरतलब है कि 1978 से 1984 के बीच रेंगाली बांध परियोजना के कारण 236 राजस्व गांवों के लगभग 13,000 परिवार बेघर हो गये। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उचित आवास और मुआवजे के अभाव में ऐसे हजारों परिवार आज भी गरीबी में जी रहे हैं। अनेक विरोध प्रदर्शनों, हड़तालों, आन्दोलनों और धरनों के बीच उनकी दुर्दशा आज भी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है।
धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि सितंबर 2010 में मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार मुआवजे की राशि करीब 152 करोड़ रुपये आंकी गयी थी। अफसोस की बात है कि प्रभावित परिवारों को अभी तक मुआवजा और पुनर्वास पैकेज नहीं मिला है।












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