यौन उत्पीड़न की शिकायतों पर आतिशी सख्त, चीफ सेक्रेटरी को दिए ये निर्देश
दिल्ली सरकार के दफ्तरों में काम करने वाली महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने और यौन उत्पीड़न की शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई करने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग की मंत्री आतिशी ने चीफ सेक्रेटरी को एक नोट लिखकर कुछ महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं।
नाबालिग से रेप के मामले में महिला एवं बाल विकास विभाग के असिस्टेंट डायरेक्टर प्रेमोदय खाखा की गिरफ्तारी के बाद आतिशी ने ये पहल की है। उन्होंने चीफ सेक्रेटरी नरेश कुमार को 10 दिन का समय देकर कहा है कि सभी सरकारी विभागों/निकायों में इंटरनल कंप्लेंट कमिटी को मजबूत करने के लिए एक विस्तृत प्रक्रिया और नियमों का मसौदा तैयार किया जाए।

इसके साथ ही, सरकारी दफ्तरों में यौन उत्पीड़न के मामलों से निपटने की पूरी प्रणाली को ज्यादा कुशल और प्रभावी बनाया जाए, ताकि उत्पीड़न के गंभीर और संवेदनशील मामलों की जांच और कार्रवाई में किसी प्रकार की कमी ना रहे और सिस्टम की तरफ से कोई चूक ना हो।
उन्होंने यह भी कहा है कि सरकार के सभी विभागों/निकायों में ऐसे लोगों की पहचान करने के लिए एक सिस्टम बनाया जाए, जिनके खिलाफ यौन उत्पीड़न और धमकी देने की कई शिकायतें दर्ज हुई हैं। आतिशी का मानना है कि इससे महिलाओं के प्रति किसी व्यक्ति के व्यवहार का पैटर्न पता चलता है।
अगर सही समय पर जांच न की जाए, तो ऐसे मामले आगे चलकर बेहद गंभीर अपराधिक घटनाओं की वजह बन सकते हैं। इसलिए एक ऐसी प्रक्रिया बनाने की जरूरत है, ताकि महिलाओं के खिलाफ अपराध के ऐसे मामलों में लिप्त उन अधिकारियों को संवेदनशील पदों से दूर रखा जा सके और उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके, जिनका बार-बार यौन उत्पीड़न करने का पैटर्न रहा है।
आतिशी ने इस बात पर भी गंभीर चिंता जताई है कि दिल्ली सरकार में विभागीय स्तर पर यौन उत्पीड़न से जुड़े मामलों से निपटने के लिए इंटरनल कंप्लेंट कमिटियां तो बनी हुई है, लेकिन उनका पर्याप्त प्रचार नहीं किया जाता है। इसी वजह से खाखा के मामले में पीड़ित को शिकायत दर्ज कराने के लिए भी एक जगह से दूसरी जगह भटकना पड़ा।
उन्होंने कहा कि कमेटी के सदस्य आरोपी के पद के मुकाबले उससे सीनियर होने चाहिए। उन्होंने खाखा के मामले में कोर्ट में दायर हलफनामे का हवाला देते हुए बताया कि इस मामले में इंटरनल कंप्लेंट कमिटी के सदस्य आरोपी के सहकर्मी थे। ऐसे में शिकायतकर्ता का उन पर भरोसा कर पाना ही संभव नहीं था। आतिशी ने कमिटियों के कामकाज को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए चीफ सेक्रेटरी को नए सिरे से कमिटियों की गठन प्रक्रिया तैयार करने का निर्देश दिया है।












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