दिल्ली सरकार का जलापूर्ति को लेकर बड़ा कदम, बूंद-बूंद की होगी निगरानी, डिमांड पर मिलेगा पानी
दिल्ली सरकार चीन, फ्रांस और इटली की तरह वाटर सप्लाई व्यवस्थित करने का प्लान बना रही है। योजना के तहत सभी इलाकों में जरूरत के अनुसार पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
राजधानी वासियों को जलापूर्ति को लेकर आ रही समस्या को दूर करने के लिए दिल्ली सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार चीन, फ्रांस और इटली की तरह निर्बाध जलापूर्ति को व्यवस्थित कर निगरानी करेगी। इसके बाद सभी इलाकों में जरूरत के अनुसार पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक कर पहली जुलाई से जलापूर्ति की केंद्रीय निगरानी करने का आदेश दिया है। वहीं, सभी इलाकों में फ्लो मीटर का कार्य 31 दिसंबर तक पूरा करने के भी निर्देश दिए हैं। इस दौरान मीटर लगाने में देरी पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी भी जाहिर की।
सरकार चीन, फ्रांस और इटली की तरह निर्बाध जलापूर्ति को व्यवस्थित कर निगरानी करेगी। इसके बाद सभी इलाकों में जरूरत के अनुसार पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक कर पहली जुलाई से जलापूर्ति की केंद्रीय निगरानी करने का आदेश दिया है। वहीं, सभी इलाकों में फ्लो मीटर का कार्य 31 दिसंबर तक पूरा करने के भी निर्देश दिए हैं। इस दौरान मीटर लगाने में देरी पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी भी जाहिर की।

बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली जल बोर्ड के आकलन के अनुसार दिल्ली में उपलब्ध पानी का कोई डाटा नहीं है। यह पानी दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में सप्लाई तो किया जा रहा है, लेकिन डीजेबी के ऑडिट सिस्टम के अंदर पानी नहीं आ पा रहा है। कई इलाकों में पानी कम प्रेशर से आता है, तो कई इलाकों में पानी नहीं पहुंच पाता है। इसे लेकर उन्होंने अधिकारियों को जल्द सभी जरूरी पाइपलाइन के ऊपर फ्लो मीटर लगाने का कार्य पूरा करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
जरूरत के हिसाब से होगी सप्लाई
दिल्ली सरकार जल बोर्ड के नेटवर्क स्कॉडा सिस्टम के दायरे में ला रही है। इसका आधार फ्लो मीटर बनेगा। इसे प्राइमरी व सेकेंडरी यूजीआर पर लगाया जाएगा। और सभी फ्लो मीटर का डेटा सेंट्रल लोकेशन भी दिखेगा। सभी फ्लो मीटर को स्कॉडा से जोड़ने पर जल बोर्ड के मुख्यालय में सभी इलाके में हर पाइप लाइन में जाने वाले पानी की निगरानी हो सकेगी। इसके बाद जरूरत के हिसाब से पानी की सप्लाई होगी-
प्राथमिक स्तर पर 352 फ्लोमीटर लगे
दिल्ली जल बोर्ड के आंकड़े बताते हैं कि प्राइमरी स्तर पर अभी करीब 352 फ्लोमीटर लगे हैं। वहीं, 108 फ्लोमीटर लगाने की जरूरत है। दूसरी तरफ सेकेंडरी मेन वाटर लाइन के 4053 लोकेशन पर फ्लोमीटर लगाने की जरूरत है और अभी तक 2456 पाइप लाइन के उपर फ्लोमीटर लग गया है।












Click it and Unblock the Notifications