ओडिशा की परिवहन नेटवर्क योजना का विरोध, सरकार ने क्या कहा? जानिए
ओडिशा सरकार ने प्रदेश भर के ग्रामीण क्षेत्रों और प्रमुख शहरों और आर्थिक केंद्रों के बीच अंतर को कम करने के लिए बस संचालन की योजना बनाई गई है, जिसे इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। सरकार की नई योजना 10 साल के लिये लागू की जाएगी। हालांकि ओडिशा प्राइवेट बस ओनर्स एसोसिएशन विरोध कर रहा है।
ओडिशा सरकार 12 अक्टूबर को मलकानगिरी में LAccMI योजना शुरू करने जा रही है। इसके तहत 3,178 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।लेकिन निजी ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों ने इसका विरोध कर रहे हैं। मंगलवार को प्रदर्शन के ऐलान के बाद बीजेडी सरकार ने उनकी मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद 31 अक्टूबर तक के लिए ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों ने विरोध स्थगित करने का निर्णय लिया है।

ओडिशा प्राइवेट बस ओनर्स एसोसिएशन के महासचिव देबेंद्र साहू के मुताबिक अगर पंचायत से ब्लॉक स्तर तक बसों के परिचालन होत है तो एसोसिएशन को कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन अगर सरकार ब्लॉक से लेकर जिला मुख्यालय स्तर तक बसें चलाएगी तो ऑपरेटरों को भारी नुकसान होगा।
वहीं परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, "ओडिशा में सड़क बुनियादी ढांचे को बढ़ाया गया है। लेकिन सार्वजनिक परिवहन अभी भी शुरू नहीं हो पाया है। ऐसे में राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करते हुए राज्य भर में सुरक्षित और किफायती सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध करने का प्रस्ताव रखा है।
क्या है LAccMI योजना?
ओडिशा सरकार के LAccMI योजना के तहत बस नेटवर्क पंचायतों को ब्लॉक मुख्यालय और ब्लॉक को जिला मुख्यालय से जोड़ेगा। ओडिशा प्राइवेट बस ओनर्स एसोसिएशन के महासचिव देबेंद्र साहू ने कहा, "सरकार ने 1,600 बसें चलाने का निर्णय लिया है, जिसमें पंचायत से ब्लॉक स्तर तक 1,000 बसें और ब्लॉक से जिला और भुवनेश्वर तक 600 बसों का संचालन शामिल है। हमारे साथ चर्चा के दौरान, सरकार ने आश्वासन दिया कि वे अब LAccMI बसें पंचायत से ब्लॉक स्तर तक ही चलाई जाएंगी।"












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