हरियाणा: CM मनोहर लाल ने लॉन्च किया आयुष्मान भारत चिरायु योजना के विस्तारीकरण का पोर्टल

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने आज प्रदेशवासियों को बड़ा तोहफा देते हुए आयुष्मान भारत-चिरायु हरियाणा योजना के विस्तारीकरण पोर्टल का लॉन्च किया। अब इस योजना के तहत 1.80 लाख रुपये से 3 लाख रुपये वार्षिक आय वाले परिवारों को भी 5 लाख रुपये तक के ईलाज का लाभ मिलेगा।

इसके लिए ऐसे परिवारों को मात्र 1500 रुपये वार्षिक का अंशदान देना होगा। इस योजना के विस्तार से प्रदेश के 8 लाख और परिवार लाभान्वित होंगे।

CM Manohar Lal launched the portal for expansion of Ayushman Bharat Chirayu Yojana

मुख्यमंत्री आज फतेहाबाद में योजना के विस्तारीकरण पोर्टल लॉन्च करने उपरांत प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने महमदकी गांव की जसविंदर कौर का पंजीकरण करवाया, जिससे वे इस योजना की पहली पंजीकृत लाभार्थी बनी। इसके बाद फतेहाबाद की ही दीपिका का भी मौके पर ही पंजीकरण किया गया। 15 अगस्त से विधिवत रूप से यह पोर्टल चालू होगा और एक माह तक खुला रहेगा।

मनोहर लाल ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना में 1.20 लाख रुपये सालाना आय वाले परिवारों को शामिल किया गया था, जिनका नाम एसईसीसी-2011 के डाटा में था, इससे प्रदेश के लगभग 9.36 लाख परिवारों को लाभ मिला। हरियाणा सरकार ने अधिक से अधिक लोगों को इस योजना का लाभ देने के उद्देश्य से इस योजना का दायरा बढ़ाते हुए चिरायु हरियाणा योजना शुरू की और सालाना आय की सीमा को 1.20 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.80 लाख रुपये किया। इससे प्रदेश के लगभग 28 लाख से अधिक परिवार लाभान्वित हुए। अब जिन लोगों की आमदनी 1 लाख 80 हजार रुपए से ज्यादा और 3 लाख रुपये वार्षिक से कम होगी, वे परिवार भी मात्र 1500 रुपए का वार्षिक प्रीमियम देकर इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। इस प्रकार, आयुष्मान भारत चिरायु हरियाणा योजना में लाभ लेने वाले परिवारों की संख्या लगभग 38 लाख हो जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 965 अस्पताल पैनल पर होंगे, जिनमें 175 सरकारी और बाकी निजी अस्पताल शामिल होंगे, जहां आयुष्मान येाजना के तहत पात्र परिवार लाभ ले सकेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 85.38 लाख आयुष्मान कार्ड बनाये जा चुके हैं तथा 7.15 लाख लाभार्थियों ने ईलाज की सुविधा का लाभ लिया है, जिस पर सरकार ने 919 करोड़ रुपये की राशि वहन की है।

विपक्ष द्वारा पोर्टल की सरकार कहे जाने वाले बयान के प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें पोर्टल की सरकार होने पर गर्व है। पोर्टल होने से ही सभी सुविधाएं जनता तक त्वरित पहुंच पाई हैं। अभी हाल ही में प्रदेश में आई बाढ़ के कारण जान गंवाने वाले मृतकों के परिजनों को केवल एक सप्ताह में ही 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता पहुंचाई गई, यह केवल पोर्टल के कारण ही संभव हुआ है।

उन्होंने कहा कि पोर्टल के कारण ही आज डीबीटी के माध्यम से किसानों के खातों में सीधे पैसे पहुंच रहे हैं। इसके अलावा छात्रवृत्ति, पेंशन की राशि व अन्य कई प्रकार की सब्सिडी की राशि सीधे पात्र लाभार्थियों के खातों में पहुंच रही हैं। उन्होंने कहा कि पहले कृषि व राजस्व विभाग के आंकड़े मेल नहीं खाते थे, लेकिन मेरी फसल - मेरा ब्यौरा पोर्टल पर किसानों द्वारा पंजीकरण करने से सही आंकड़ा प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि ई-फसल क्षतिपूर्ति पोर्टल 18 अगस्त तक खुला है, जिस पर नागरिक बाढ़ से हुए नुकसान का ब्यौरा भर सकते हैं।

हाल ही में हुई ग्रुप-56 व 57 के सीईटी परीक्षा में प्रश्नों के रिपीट होने के मामले पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग स्वायत्त संस्था है और अलग-अलग पेपर के लिए अलग-अलग पेपर सेटर होते हैं। ग्रुप-56 व 57 के लिए बारहवीं तक के सिलेबस के आधार पर ही प्रश्न तैयार किए जाने थे और पेपर सेटरों ने अपने-अपने विवेक से अलग-अलग प्रश्न पत्र तैयार किए। आमतौर पर विशेषज्ञ भी कहते हैं कि इस सिलेबस के आधार पर 500 के आस-पास प्रश्न तैयार हो सकते हैं, इसलिए 20 से 25 प्रतिशत प्रश्नों के एक जैसे होने की संभावना रहती है।

क्लर्कों की हड़ताल के बारे पूछे गए सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि कई दौर की बातचीत क्लर्कों के साथ हो चुकी है और 16 अगस्त को उनके साथ फिर बातचीत होगी, जिसमें उनकी हड़ताल खत्म होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि क्लर्कों को अभी 19,900 पे-स्केल दिया जा रहा है और सरकार ने उन्हें 21,700 पे-स्केल का ऑफर दिया है। इसके अलावा, वे नए पे-स्केल को पिछले 8 वर्षाें से लागू करने की मांग कर रहे हैं, जिसका अध्ययन किया जा रहा है।

एनएचएम कर्मियों के बारे पूछे गए प्रश्न के उत्तर में श्री मनोहर लाल ने कहा कि एनएचएम केंद्र सरकार की आउटसोर्सिंग पाॅलिसी के कर्मी हैं, उनको पे-स्केल नहीं दिया जा सकता। आशा वर्कर, आंगनवाड़ी वर्करों को भी हरियाणा अन्य राज्यों की तुलना में सबसे अधिक मानदेय दे रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चिल्ली झील को पर्यटन के रूप में विकसित किया जा रहा है। एक हिस्से में कुछ जमीन की जरूरत है, इसके लिए सरकार ई-भूमि पोर्टल पर जमीन लेगी। फतेहाबाद में एसईजेड या कोई औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने बारे पूछे गए सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कृषि आधारित क्षेत्र है और यहां एग्रो-बेस्ड इंडस्ट्री की संभावनाएं तलाशी जाएंगी। सरकार औद्योगिक विकास के लिए वन ब्लाॅक-वन प्रोडक्ट की नीति अपना रही है। हमने रेवाड़ी में सरसों के तेल की तथा शाहबाद में सूरजमुखी के तेल की मिल लगाई है।

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