CM ने किया हरियाणा में रोजगार और आय बढ़ाने का वादा, वर्ल्ड वेटलैंड डे पर मंत्री भूपेंद्र यादव भी आए
गुरुग्राम: सुल्तानपुर, भिंडावास व आसपास के गांव अब अपने घरों में देशी-विदेशी पर्यटकों को ठहरा सकेंगे। इससे वे हरियाणवी संस्कृति को और करीब से जान सकेंगे। वे गांवों का जीवन और उनका रहन-सहन समझ सकेंगे। इस बात की घोषणा मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बुधवार को विश्व वेटलैंड दिवस पर सुल्तानपुर नैशनल पार्क में आयोजित समारोह में की। मुख्यमंत्री ने कहा कि, होम स्टे योजना से ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा होंगे और लोगों की आय बढ़ेगी। इससे पहले सरकार टिक्कर ताल में इस तरह की योजना ला चुकी है।

सीएम ने कहा कि, सुल्तानपुर में 100 से अधिक प्रजातियों के 50 हजार से ज्यादा पक्षी हर वर्ष पहुंचते हैं। इसी तरह भिंडावास में 80 से अधिक प्रजाति के 40 हजार पक्षी हर वर्ष आते हैं। जिन्हें देखने के लिए बहुत से पर्यटक यहां आते रहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें संकल्प करना होगा कि हम प्रकृति से छेड़छाड़ नहीं करेंगे। प्रकृति का संतुलन बना रहेगा तो हमारा जीवन स्वस्थ रहेगा और हम लंबे जीवन की कल्पना कर सकते हैं। विकास के नाम पर हम कई बार प्रकृति से खेलते भी हैं, लेकिन काफी संस्थाएं प्रकृति को बचाने के लिए अपनी भूमिका निभा रही हैं।
पेड़ों की देखरेख करने वालों को मिलती है पेंशन
सीएम मनोहर लाल ने कहा कि 75 वर्ष पूरा कर चुके पेड़ों की देखरेख करने वाले परिवार या संस्था को सरकार ने 2500 रुपये सालाना देने का काम किया है। हरियाणा एकमात्र प्रदेश है, जहां पेड़ों की भी पेंशन दी जा रही है। सरकार ने प्रदेश के 18 हजार तालाबों के रखरखाव का बीड़ा उठाया इसमें से 6 हजार तालाब तो ऐसे हैं जो बारिश के दौरान ओवरफ्लो हो जाते हैं। तालाब प्राधिकरण के माध्यम से इस वर्ष 1900 तालाबों की सफाई करवाई जाएगी। जबकि अगले वर्ष ढाई हजार तालाब लिए जाएंगे
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में डिजिटल यूनिवर्सिटी के निर्माण करने की भी बात कही है। इस दौरान केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव (Bhupendra Yadav), केंद्रीय वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री अश्विनी चौबे, प्रदेश के वन एवं शिक्षा मंत्री कंवरपाल (Kanwarpal), वन निगम के चेयरमैन धर्मपाल गौंदर आदि मौजूद रहे।

विकसित देशों के साथ मिलकर पर्यावरण बचाने का कामः भूपेंद्र यादव
इस मौके पर केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि, इको टूरिज्म हरियाणा के गांवों में परिवर्तन लाएगा। उनके विभाग ने सुल्तानपुर और भिंडावास झील को रामसर साइट में दर्ज किया है। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड, फ्रांस व स्वीडन के साथ मिलकर पर्यावरण को बचाने का काम किया जा रहा है। इसके लिए गुड़गांव पर फोकस रहेगा।
वहीं मुख्यमंत्री द्वारा नजफगढ़ नाले के आसपास की जमीन में सेम की समस्या को उठाया, जिस पर केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पर्यावरण विभाग ने कमेटी का गठन कर दिया है, इसमें हरियाणा और दिल्ली सरकार भी शामिल है। कमेटी अगले 6 महीने में योजना बनाकर जमीन पर उतारेगी और जल्द इस क्षेत्र में सेम की समस्या को खत्म किया जाएगा।
इको पार्क, इको विलेज बनाए जाएंगे
इस दौरान केंद्रीय वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री अश्विनी चौबे ने कहा कि वेटलैंड को किडनी ऑफ लैंडस्केप कहा जाता है। यहां जल उपयोगी बनता है बल्कि आसपास के लोगों की आजीविका भी चलती है। सरकार इन स्थानों पर इको पार्क, इको विलेज के लिए काम करेगी। प्रदेश के वन एवं शिक्षा मंत्री कंवरपाल ने कहा कि प्रकृति का संरक्षण जरूरी है। इस संबंध में आने वाली पीढ़ियों को जागरूक करना चाहिए।












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