CM खट्टर ने किया पदमा कार्यक्रम का शुभारंभ, इससे हरियाणा में 25 हजार करोड़ निवेश पर फोकस
पंचकूला, 24 फरवरी 2022: हरियाणा सरकार ने प्रदेश में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम को बढ़ावा देने के लिए अनूठी पहल करते हुए बुधवार को 'प्रोग्राम टू एक्सलरेट डेवलपमेंट फॉर एमएसएमई एडवांसमेंट (पदमा)' कार्यक्रम की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे इंफ्रास्ट्रक्चर, कॉमन फैसिलिटी सेंटर (सीएफसी), बिजनेस डेवलपमेंट सर्विस (बीडीएस) सेंटर और प्रत्येक ब्लॉक में नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के रूप में 25,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि इन क्लस्टरों में अगले साल करीब 10-15,000 नई इकाइयां खुलने की उम्मीद है। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री अनूप धनक भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पदमा कार्यक्रम का उद्देश्य प्रत्येक ब्लॉक के लिए क्लस्टर स्तर पर एक गतिशील, आत्मनिर्भर और संपन्न औद्योगिक बुनियादी ढांचा तैयार करना है। यह एक बहु-विभागीय और बहु-एजेंसी कार्यक्रम है जो न केवल स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देगा, बल्कि स्थानीय युवाओं, विशेषकर लक्षित अंत्योदय परिवारों को रोजगार के पर्याप्त अवसर प्रदान करेगा। पदमा- 5 वर्षीय कार्यक्रम है। 22 जिलों (सभी 140 ब्लॉक) के प्रत्येक ब्लॉक में स्थानीय रूप से उपलब्ध संसाधनों, मौजूदा सूक्ष्म उद्यम पारिस्थितिकी तंत्र, जनसांख्यिकीय प्रोफाइल, प्रमुख अवसरों, तेजी से बढ़ रहे उद्योग क्षेत्रों व विकास क्षमता के आधार पर एक उत्पाद की पहचान की गई है। यदि आवश्यक होगा तो इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण और कौशल भी प्रदान किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कार्यक्त्रस्म में आए उद्योग संघों, चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधियों से बजट से संबंधित सुझाव भी मांगे।

3 लाख युवाओं को रोजगार की संभावना
उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि एक साल पहले, इस एक ब्लॉक एक उत्पाद का खाका तैयार किया गया था और इस कार्यक्रम के कार्यान्वयन से पहले एक सर्वेक्षण और अध्ययन किया गया था। इनके निष्कर्षों में पाया गया कि ब्लॉक स्तर पर विभिन्न स्थानीय उत्पाद हैं, जिनमें बड़े बाजार की क्षमता है। इसलिए, प्रत्येक ब्लॉक और उनके विशेष उत्पाद को बड़े स्तर पर बढ़ावा देने के लिए, पदमा कार्यक्त्रस्म आज शुरू किया गया है। इस पहल से प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से 3 लाख से अधिक युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए जमीनी स्तर पर विकास होगा। एमएसएमई निदेशालय पदमा कार्यक्रम के कार्यान्वयन के लिए नोडल विभाग है। एमएसएमई निदेशालय के अलावा, अन्य संबंधित विभाग जैसे एचएसआईआईडीसी, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग तथा कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग सहयोग करेंगे।












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