पंजाब: CM केजरीवाल ने नवजोत सिंह सिद्धू को लिया आड़े हाथ, बोले- उनकी लड़ाई सिर्फ मुख्यमंत्री बनने की
अमृतसर, 31 जनवरी। आम आदमी पार्टी (आप) के नेता अरविंद केजरीवाल ने रविवार को कहा कि अगर उनकी पार्टी पंजाब में 20 फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता में आती है तो राज्य के सभी सरकारी कार्यालयों में बीआर आंबेडकर और भगत सिंह की तस्वीरें लगाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि इन कार्यालयों में किसी भी राजनेता की कोई तस्वीर नहीं होगी। दिल्ली के मुख्यमंत्री ने पंजाब कांग्रेस के प्रमुख नवजोत सिंह सिद्धू और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया पर बयानबाजी में लिप्त रहने और अमृतसर पूर्व विधानसभा क्षेत्र में लोगों को परेशान करने वाले मुद्दों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सिद्धू भ्रष्टाचार के खिलाफ नहीं लड़ रहे हैं, बल्कि उनकी लड़ाई सिर्फ राज्य का अगला मुख्यमंत्री बनने की है।

केजरीवाल ने यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि उन्होंने कुछ दिन पहले घोषणा की थी कि दिल्ली सरकार के हर कार्यालय में अंबेडकर और भगत सिंह की तस्वीरें होंगी। उन्होंने कहा, 'आज हम घोषणा करते हैं कि पंजाब में (आप) सरकार बनने के बाद किसी भी सरकारी कार्यालय में मुख्यमंत्री या किसी अन्य राजनीतिक नेता की कोई तस्वीर नहीं होगी। केवल बाबासाहेब अंबेडकर और शहीद-ए-आजम भगत सिंह की तस्वीरें सभी सरकारी कार्यालयों में लगाई जाएंगी, ताकि इन तस्वीरों को देखकर हम और आने वाली पीढ़ी इनसे प्रेरणा ले सकें।'
जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए कानूनों में पर्याप्त प्रावधान
आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने रविवार को कहा कि प्रलोभन या धमकी देकर किया गया धर्म-परिवर्तन गलत है और देश में मौजूदा कानून के तहत इस तरह की प्रथाओं को रोकने के लिए पर्याप्त प्रावधान हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि किसी का धर्म चुनना निजी मामला है और किसी भी सरकार को इसमें दखल देने का अधिकार नहीं है। दिल्ली के मुख्यमंत्री पंजाब में संवाददाताओं को संबोधित कर रहे थे। अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने ईसाई मिशनरी पर सीमावर्ती गांवों में सिख परिवारों के जबरन धर्मांतरण के लिए कार्यक्रम चलाने का आरोप लगाया था। हालांकि, अमृतसर डॉयसीज के बिशप ने आरोपों से इनकार किया है।
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केजरीवाल ने कहा, 'मेरा मानना है कि यह व्यक्तिगत पसंद का मामला है कि कोई किस धर्म का पालन करना चाहता है...और यह पूरी तरह से व्यक्तिगत मामला है जिसमें किसी को भी हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है...किसी भी सरकार को इसमें हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है और यह किसी का संवैधानिक अधिकार है।' धर्मांतरण विरोधी कानून लाने पर अपनी पार्टी के रुख के बारे में पूछे जाने पर आप प्रमुख ने संवाददाताओं से कहा, 'अगर किसी का धर्म-परिवर्तन प्रलोभन या धमकी से किया गया है, तो यह गलत है।' वर्ष 1993 के दिल्ली बम विस्फोट के गुनहगार देविंदर पाल सिंह भुल्लर से संबंधित एक सवाल पर केजरीवाल ने शिरोमणि अकाली दल (शिअद) पर इस मुद्दे को लेकर 'ओछी राजनीति' करने का आरोप लगाया। शिरोमणि अकाली दल ने दिल्ली में आम आदमी पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार पर भुल्लर की रिहाई में बाधा डालने का आरोप लगाया है।
पूर्व सीएम भट्टल को चुनावी जंग जीतने का भरोसा
पंजाब की राजनीति की 'लौह महिला' और राज्य की अब तक की एकमात्र महिला मुख्यमंत्री, कांग्रेस नेता राजिंदर कौर भट्टल ने विधानसभा चुनाव में लहरा सीट जीतने के बारे में विश्वास व्यक्त किया और कहा कि उनके प्रतिद्वंद्वी शिरोमणि अकाली दल (संयुक्त) के परमिंदर सिंह ढींढसा 'मोदी के नुमाइंदा' भर हैं। भट्टल 1992 से इस सीट पर जीत दर्ज कर रही थीं लेकिन वह 2017 में ढींढसा से चुनाव हार गईं। सुखदेव सिंह ढींढसा शिअद (संयुक्त) के प्रमुख हैं और परमिंदर उनके पुत्र हैं। हालांकि, कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पांच बार की विधायक भट्टल (76) इस बार परमिंदर से फिर से यह सीट हथियाने की कोशिश कर रही हैं। परमिंदर ने 2017 में सुनाम सीट के बजाए लहरा से भट्टल के खिलाफ चुनाव लड़ा था।
भट्टल ने परमिंदर के बारे में कहा, 'वह मोदी के नुमाइंदे हैं।' भाजपा ने 20 फरवरी को होने वाले चुनाव के लिए शिअद (संयुक्त) और पूर्व मुख्यमंत्री अमरेंद्र सिंह के नेतृत्व वाली पंजाब लोक कांग्रेस के साथ गठजोड़ किया है। लहरा से मैदान में अन्य उम्मीदवारों में आम आदमी पार्टी (आप) के बरिंदर कुमार गोयल और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के गोबिंद सिंह लोंगोवाल हैं। लोंगोवाल शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के पूर्व अध्यक्ष हैं। निर्वाचन क्षेत्र में 2017 तक परंपरागत रूप से कांग्रेस और शिअद के बीच टक्कर होती रही है और आप के प्रवेश से यह और रोचक हो गया है। कोविड-19 के कारण रैलियां आयोजित करने पर निर्वाचन आयोग के प्रतिबंधों के मद्देनजर भट्टल निर्वाचन क्षेत्र में छोटी-छोटी सभाओं को संबोधित कर रही हैं। अपनी उम्र के बावजूद भट्टल का प्रचार कार्यक्रम व्यस्त है और वह विपक्ष पर तीखे हमले कर रही हैं। भट्टल ने विधानसभा क्षेत्र के स्थानीय लोगों से उन्हें चुनने और कांग्रेस के हाथ मजबूत करने की अपील करते हुए कहा, 'मेरा सपना है कि मैं अपने निर्वाचन क्षेत्र को पूरे राज्य के सभी निर्वाचन क्षेत्रों में से एक मॉडल बनाऊं।'












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