खाद की आपूर्ति पर केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार आमने-सामने, आंकड़ों को बताया झूठ
रायपुर, 20 फरवरी: छत्तीसगढ़ में किसानों को रासायनिक उर्वरकों की कमी का सामना करना पड़ रहा है। राज्य सरकार कह रही है कि इस संकट के लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार हैं, क्योंकि उससे अब तक केवल 52 प्रतिशत उर्वरक की ही आपूर्ति की है। वहीं केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय ने आंकड़ा जारी करते हुए बताया है कि छत्तीसगढ़ को अब तक उसकी मांग के मुकाबले 120 प्रतिशत उर्वरक की आपूर्ति की जा चुकी है। वहीं राज्य के कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने केंद्र सरकार के इन आंकड़ों को असत्य और भ्रामक बताया है।

केंद्रीय मंत्रालय की ओर से जारी लिखित बयान के अनुसार राज्य की तरफ से रबी सीजन के लिए 4.11 लाख टन रासायनिक उर्वरक की मांग रखी गई थी। रबी सीजन की अवधि एक अक्टूबर से 31 मार्च तक होती है। 17 फरवरी की स्थिति में राज्य को 4.36 लाख टन उर्वरक उपलब्ध कराया जा चुका है। अब तक राज्य के पास बिक्री के बाद 1.85 लाख टन रासायनिक उर्वरक उपलब्ध है।
इन आंकड़ों के आधार पर केंद्रीय मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि जनवरी तक 2.32 लाख टन की आवश्यकता की जगह भारत सरकार ने 3.61 लाख टन उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित की है। इसी तरह फरवरी में 69 हजार टन की कुल मासिक जरूरत के मुकाबले 75 हजार टन रासायनिक उर्वरक की आपूर्ति की गई है। केंद्र ने राज्य को खरीफ सीजन में भी 11.75 लाख टन की जरूरत के मुकाबले 14.44 लाख टन उर्वरक देने का दावा किया है।
मांग में 45 प्रतिशत कटौती
कृषि मंत्री चौबे के अनुसार सात लाख 50 हजार टन के विरुद्ध केंद्र ने मात्र चार लाख 11 हजार टन उर्वरक देने की स्वीकृति दी है। यानी मांग में करीब 45 प्रतिशत कटौती कर दी गई है। इसी वजह से राज्य में रासायनिक उर्वरकों की कमी हो रही है।
आंकड़े देखिए, सच पता चल जाएगा
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि केंद्र सरकार इतना झूठ बोलेगी, इसकी उम्मीद नहीं थी। हमने कितनी मांग भेजी थी और वहां से कितनी आपूर्ति की गई, इसके आंकड़े देख लीजिए। पता चल जाएगा कि कौन झूठ बोल रहा है।












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